प्रीति ने बताया अपना दर्दनाक अनुभव
नेपाल की छात्रा प्रीति ने बताया, "हमें बिना किसी गलती के छात्रावास खाली करने के लिए मजबूर किया गया। नेपाल के छात्रा प्रकृति की मौत से नाराज थे, क्योंकि अधिकारियों से उसकी पिछली अपील (उसके पूर्व प्रेमी द्वारा कथित ब्लैकमेल के बारे में) को नजरअंदाज कर दिया गया था। उसने हताश होकर आत्महत्या कर ली।"
सोमवार को हुए दर्दनाक अनुभव को बताते हुए प्रीति ने कहा, "हमें जबरन बस में बिठाया गया और रेलवे स्टेशन के पास ऐसी जगह पर उतार दिया गया, जहां न तो कोई दुकान थी और न ही पानी। हमारा क्या कसूर था? अब वे (केआईआईटी के डीन और अन्य अधिकारी) हमें प्यार से वापस जाने के लिए कह रहे हैं। क्या कोई उन पर विश्वास कर सकता है?"
मंगलवार को निदेशकों सहित पांच कर्मचारी गिरफ्तार
नेपाली छात्रों को परेशान करने के आरोप में मंगलवार को संस्थान के निदेशकों सहित पांच केआईआईटी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी-2 की अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।
इससे पहले, 21 वर्षीय केआईआईटी छात्र को महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
सूत्रों ने बताया कि मृतक का शव आज नेपाल ले जाया जाएगा। उसके पिता सुनील लामसाल और परिवार के अन्य सदस्य पिछले दो दिनों से शहर में डेरा डाले हुए हैं।
वर्तमान में 100 नेपाली छात्र परिसर में है मौजूद
ओडिशा के उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने पहले कहा था कि वर्तमान में 100 नेपाली छात्र परिसर में हैं और लगभग 800 अन्य स्थानों पर हैं।
मंत्री ने कहा, "वे कोलकाता, पटना या रांची चले गए होंगे। उन्हें वापस लाना केआईआईटी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। वे हमारे मेहमान हैं।"
सूत्रों ने बताया कि अधिकांश नेपाली छात्र हिमालयी राष्ट्र में अपने घर लौट चुके हैं। हालांकि, न तो राज्य सरकार और न ही केआईआईटी अधिकारियों ने अब तक परिसर में लौटने वाले छात्रों की संख्या के बारे में जानकारी साझा की है।
ओडिशा सरकार ने छात्र की अप्राकृतिक मौत के बाद छात्रों पर कथित कार्रवाई के संबंध में मंगलवार को कार्रवाई रिपोर्ट जारी की थी।