Karnataka: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को कर्नाटक सरकार द्वारा वापस लिए जाने पर बीजेपी नेता सीएन अश्वथ नारायण कहा, "कर्नाटक में पिछले तीन साल से राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू है। सरकार चाहे किसी की भी हो, इस नीति को पूरे देश में आगे बढ़ाया गया। लेकिन कर्नाटक में, एक पार्टी है, जो छात्रों के साथ खेल रही है। और इसका असर अल्पसंख्यकों, गरीबों और आरक्षित वर्गों सहित समाज के सभी क्षेत्रों पर पड़ने वाला है।
नारायण ने आगे कहा, "एनईपी सभी दृष्टिकोणों से बहुत भविष्यवादी, आशाजनक और यथार्थवादी है। राज्य शिक्षा नीति 4 साल की डिग्री के खिलाफ है, जो अनिवार्य नहीं है, यह छात्रों की पसंद है। इसे उद्योग और अवसरों को ध्यान में रखते हुए बहुत अच्छी तरह से डिजाइन किया गया है।"
उन्होंने कहा, "वर्तमान सरकार असंवेदनशील है और पूरी नीति को नहीं समझती है। वह छात्रों के हित के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की भूमिका निभाने की कोशिश कर रही है। हमने पहले ही कई जागरूकता कार्यक्रम चलाए हैं और अब हम राज्यपाल से संपर्क करेंगे। जो भी हो पिछली सरकार द्वारा राज्य में लागू की गई एनईपी को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।"