पिछले साल परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं के बाद मंत्रालय इस बार एक फुल-प्रूफ योजना पर काम कर रहा है, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को बनाए रखा जा सके।
पीटीआई के अनुसार, एक सूत्र ने बताया कि "नीट-यूजी के सुचारू, निष्पक्ष और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के डीएम और एसपी के साथ कई बैठकें की गई हैं। रसद, सुरक्षा और संकट प्रतिक्रिया के प्रबंधन के लिए जिला स्तरीय समन्वय समितियों को पूरी तरह से सक्रिय किया जा रहा है।"
कोचिंग सेंटरों पर सख्त मॉनिटरिंग
पीटीआई के मुताबिक सूत्र ने कहा, "केंद्रों पर एनटीए द्वारा निर्दिष्ट सुरक्षा के अलावा जिला पुलिस द्वारा बहुस्तरीय तलाशी ली जाएगी। प्रश्नपत्रों और ओएमआर शीट जैसी गोपनीय सामग्री का परिवहन पूरी तरह से पुलिस सुरक्षा में किया जाएगा। संगठित धोखाधड़ी नेटवर्क को रोकने के लिए कोचिंग सेंटर और डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी की जाएगी।"
सभी परीक्षा केंद्रों के अनिवार्य निरीक्षण के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए जा रहे हैं, जबकि डीएम और एसपी द्वारा परीक्षा केंद्रों पर तैयारियों का आकलन करने के लिए व्यक्तिगत दौरा किया जाएगा।
नीट-यूजी और पीएचडी प्रवेश परीक्षा नेट में कथित अनियमितताओं को लेकर आलोचनाओं के घेरे में आने के बाद, केंद्र ने पिछले साल एनटीए द्वारा परीक्षाओं के पारदर्शी, सुचारू और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए पैनल का गठन किया था।
नीट-यूजी कथित लीक सहित कई अनियमितताओं को लेकर जांच के दायरे में था, यूजीसी-नेट (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग - राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) को रद्द कर दिया गया क्योंकि मंत्रालय को इनपुट मिला कि इसकी अखंडता से समझौता किया गया था। दोनों मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है। दो अन्य परीक्षाएं- सीएसआईआर-यूजीसी नेट और नीट-पीजी - को एहतियात के तौर पर अंतिम समय में रद्द कर दिया गया।