'मैं बहुत निराश था, काफी रोया भी': नीट AIR-1 आर्यन गुप्ता
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में आर्यन गुप्ता ने कहा कि शुरुआत में उन्हें बहुत बड़ा झटका लगा था।
उन्होंने कहा, "मैं बहुत निराश था। परीक्षा रद्द होने पर मैं बुरी तरह टूट गया था और काफी रोया भी। बाद में मुझे एहसास हुआ कि सिर्फ मेरे साथ ही नहीं, बल्कि 22 लाख अन्य अभ्यर्थियों के साथ भी यही हुआ है। सभी को फिर से परीक्षा देनी थी। तब मुझे लगा कि मुझे एक और मौका मिला है। मैंने अगले ही दिन से पढ़ाई शुरू कर दी और हर दिन अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की।"
परिवार और शिक्षकों को दिया सफलता का श्रेय
आर्यन गुप्ता ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, बड़े भाई और शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में परिवार ने उन्हें भावनात्मक रूप से संभाला और आगे बढ़ने का हौसला दिया।
उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता डॉक्टर हैं और उन्होंने बचपन से ही मजबूत शैक्षणिक आधार तैयार करने के साथ इस कठिन दौर में पूरा भावनात्मक सहयोग भी दिया।
भविष्य के अभ्यर्थियों को क्या सलाह दी?
आर्यन गुप्ता ने भविष्य में नीट की तैयारी करने वाले छात्रों को शिक्षकों पर भरोसा रखने और नियमित मेहनत करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा, "अपने शिक्षकों पर भरोसा रखें और उनके मार्गदर्शन का पालन करें। वे आपसे अधिक अनुभव रखते हैं। हर दिन पूरी ईमानदारी, अनुशासन और निरंतरता के साथ पढ़ाई करें। अगर लगातार मेहनत करेंगे तो परिणाम अपने आप मिलेंगे।"
AIR 2 पांशुल बंसल ने क्या कहा?
री-नीट यूजी 2026 में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल करने वाले पांशुल बंसल ने कहा कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बजाय अपनी तैयारी पर ध्यान देना बेहतर समझा।
AIR 2 हासिल करने वाले पांशुल बंसल कहते हैं, "शुरू में मैं दुखी और निराश था कि परीक्षा रद्द हो गई। फिर मैंने सोचा कि रोने-धोने से कोई फायदा नहीं होगा। इसलिए, मैंने खुद को संभाला और अपने उस रेगुलर शेड्यूल पर ध्यान देना शुरू किया जो पहले नीट परीक्षा से पहले था। मैंने सोचा कि मुझे अपना सब कुछ झोंक देना चाहिए और इसे ऐसे देखना चाहिए कि भगवान ने मुझे बेहतर स्कोर करने का मौका दिया है, क्योंकि वे जानते हैं कि मैं बेहतर स्कोर कर सकता हूं। मेरे परिवार ने मुझे बहुत सपोर्ट किया और हिम्मत बंधाई।"
विरोध प्रदर्शन पर क्या बोले पांशुल बंसल?
उन्होंने कहा कि उन्होंने इस स्थिति को अपने प्रदर्शन में सुधार का अवसर माना। उनके अनुसार, विरोध प्रदर्शन में समय देने के बजाय घर पर पढ़ाई करना और अपनी तैयारी मजबूत करना ज्यादा सही फैसला था।
बाकी स्टूडेंट्स के लिए पांशुल की क्या सलाह?
दूसरे स्टूडेंट्स को मैसेज देते हुए वे कहते हैं, "परीक्षा करवाना आपके हाथ में नहीं है। इसलिए, इसे इस तरह देखें - जो हुआ, अच्छे के लिए हुआ। इसे ऐसे लें कि आप और भी बेहतर परफॉर्म करेंगे और बेहतर स्कोर करेंगे। जब पेपर रद्द हो जाता है, तो आपको बहुत हिम्मत और मजबूती की जरूरत होती है, हार नहीं माननी चाहिए।"