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NEET UG 2026: नीट में धांधली की खबरों पर NTA का पहला बयान आया, कहा- 'कड़ी सुरक्षा में हुई परीक्षा, जांच जारी'

Mon, 11 May 2026 01:22 PM IST
Akash Kumar एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

NEET UG 2026: एनटीए ने नीट यूजी 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों पर बयान जारी कर कहा कि परीक्षा 3 मई को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई थी। एजेंसी ने बताया कि 7 मई को अनियमितताओं की सूचना मिली, जिसके बाद जांच एजेंसियों को मामला सौंप दिया गया। जांच जारी है।
 
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paper leak - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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NEET UG 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक से जुड़े मामलों पर आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी की है। एजेंसी ने साफ कहा है कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा तय कार्यक्रम के अनुसार और पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई थी। एनटीए ने यह भी बताया कि राजस्थान स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) द्वारा की जा रही कार्रवाई के संबंध में एजेंसी पूरी तरह सहयोग कर रही है।

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परीक्षा में अपनाए गए थे कड़े सुरक्षा इंतजाम

एनटीए के अनुसार, परीक्षा के दौरान कई स्तरों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए थे। प्रश्न पत्रों को GPS ट्रैकिंग वाले वाहनों से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया। सभी प्रश्न पत्रों पर यूनिक और ट्रेस करने योग्य वॉटरमार्क लगाए गए थे।

एजेंसी ने बताया कि परीक्षा केंद्रों की निगरानी AI आधारित CCTV सिस्टम के जरिए केंद्रीय कंट्रोल रूम से की गई। इसके अलावा प्रत्येक अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया और परीक्षा केंद्रों पर 5G जैमर भी सक्रिय रखे गए थे। एनटीए का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया सभी केंद्रों पर तय योजना के अनुसार पूरी हुई।

7 मई को मिली थी कथित गड़बड़ी की जानकारी

प्रेस रिलीज में कहा गया है कि परीक्षा के चार दिन बाद यानी 7 मई 2026 की देर शाम एनटीए को कथित कदाचार और अनियमितताओं से जुड़ी सूचनाएं मिली थीं। इसके बाद एजेंसी ने 8 मई की सुबह इन जानकारियों को संबंधित केंद्रीय जांच एजेंसियों को सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया।

एनटीए ने कहा कि हाल के दिनों में मीडिया में जिन गिरफ्तारियों और कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं, वे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के पेशेवर और समयबद्ध काम का परिणाम हैं। एजेंसी ने जांच कर रही टीमों की सराहना करते हुए कहा कि वह पूरी तरह सहयोग कर रही है और परीक्षा से जुड़ा डेटा व तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रही है।

जांच जारी, जल्दबाजी में निष्कर्ष नहीं निकाले जाएंगे

एनटीए ने स्पष्ट किया है कि मामला अभी जांच के दायरे में है और संबंधित एजेंसियां तथ्यों की पुष्टि करेंगी। एजेंसी ने कहा कि वह जांच पूरी होने से पहले किसी भी नतीजे या संभावित कार्रवाई पर टिप्पणी नहीं करेगी।

प्रेस रिलीज में यह भी कहा गया है कि जांच एजेंसियां जो भी निष्कर्ष निकालेंगी, उन्हें तय प्रक्रिया के अनुसार पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक किया जाएगा। यदि आगे किसी अतिरिक्त कार्रवाई की जरूरत पड़ी तो उस पर भी नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।

छात्रों और अभिभावकों से धैर्य बनाए रखने की अपील

एनटीए ने नीट यूजी 2026 के अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को संबोधित करते हुए कहा कि अधिकांश ईमानदार छात्रों की मेहनत और परीक्षा की विश्वसनीयता पर कोई सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए। एजेंसी ने माना कि इस तरह की खबरों से छात्रों में चिंता और तनाव बढ़ सकता है।

एजेंसी ने कहा कि वह चाहती है कि छात्र बिना अनावश्यक दबाव के अपनी आगे की तैयारी और शैक्षणिक कार्य जारी रखें। जरूरत पड़ने पर शिक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

हेल्पलाइन नंबर भी जारी

एनटीए ने छात्रों और अभिभावकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन विवरण भी साझा किया है। किसी भी जानकारी या सहायता के लिए उम्मीदवार neet-ug@nta.ac.in पर ईमेल कर सकते हैं या 011-40759000 और 011-69227700 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।

निष्पक्ष परीक्षा कराने की प्रतिबद्धता दोहराई

अपने बयान के अंत में एनटीए ने कहा कि वह निष्पक्ष, सुरक्षित और भरोसेमंद परीक्षाएं कराने के लिए प्रतिबद्ध है। एजेंसी ने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए वह सभी जांच एजेंसियों के साथ मिलकर काम करती रहेगी।
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राजस्थान में नीट यूजी को लेकर क्या विवाद

राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने एडीजीपी विशाल बंसल की अगुवाई में कथित नीट यूजी 2026 पेपर लीक और अनियमितता मामले की जांच शुरू की है। जांच तब शुरू हुई जब एजेंसी को जानकारी मिली कि परीक्षा से पहले प्रसारित किए गए 400 से ज्यादा प्रश्नों के एक सेट का वास्तविक नीट यूजी प्रश्नपत्र से काफी मेल पाया गया। विशेष रूप से जीव विज्ञान और रसायन विज्ञान के प्रश्नों में समानता अधिक देखी गई।

एसओजी अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह प्रश्न सेट किसने तैयार या प्रसारित किया था और इसके पीछे क्या उद्देश्य या लाभ था। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि यह सामग्री सार्वजनिक रूप से कैसे उपलब्ध हुई और इसे किन माध्यमों से फैलाया गया।

सीकर सहित राजस्थान के कई इलाकों में मामले की जांच जारी है। 3 मई 2026 को आयोजित परीक्षा के करीब चार दिन बाद शुरुआती संकेत मिले थे, जिसके बाद सीकर में कुछ छात्रों ने शिकायतें दर्ज कराईं। फिलहाल इस मामले में कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस ने अभी तक किसी को हिरासत में नहीं लिया है और न ही कोई गिरफ्तारी हुई है, हालांकि कई लोगों से पूछताछ जरूर की गई है।

इस बीच, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने भी स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और संबंधित एजेंसियां समयानुसार सभी तथ्यों की जांच कर रही हैं।

एनटीए ने अपने बयान में कहा कि एजेंसी जांच पूरी होने से पहले किसी प्रकार का निष्कर्ष नहीं निकालेगी और न ही संभावित परिणामों पर कोई टिप्पणी करेगी। एजेंसी के अनुसार, जांच एजेंसियां जो भी निष्कर्ष सामने लाएंगी, चाहे उनमें आगे की कार्रवाई की आवश्यकता ही क्यों न हो, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक किया जाएगा।

राजस्थान में नीट यूजी-2026 परीक्षा को लेकर गड़बड़ी की आशंका के बीच स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जांच तेज कर दी है। फिलहाल अधिकारी सीधे तौर पर पेपर लीक की पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन जांच में सामने आए तथ्यों ने एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
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