2 लाख से अधिक स्टाफ और मल्टी-लेयर सुरक्षा चक्रव्यूह
एनटीए ने पूरी परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा सुरक्षा ढांचा तैयार किया है:
- विशाल प्रशासनिक अमला: परीक्षा के सफल संचालन के लिए देश भर में 2 लाख से अधिक कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इनमें 674 सिटी कोऑर्डिनेटर्स, केंद्रों पर स्वतंत्र निगरानी के लिए 6,669 ऑब्जर्वर्स, सेंटर सुपरिंटेंडेंट्स और इनविजिलेटर्स शामिल हैं।
- गोपनीय सामग्री की सुरक्षा: जिला प्रशासन और पुलिस बलों के सहयोग से परीक्षा सामग्री को पुलिस एस्कॉर्ट और GPS-लैस वाहनों के जरिए सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया गया।
- लाइव सीसीटीवी और बायोमेट्रिक: सभी परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का सीधा लाइव फीड केंद्रीय कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। फर्जी उम्मीदवारों (Impersonation) को रोकने के लिए प्रवेश से पहले आधार-आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और हाई-सेंसिटिविटी मेटल डिटेक्टर्स से सघन जांच (Frisking) अनिवार्य होगी।
- सोशल मीडिया पर नजर और सीबीआई जांच: फर्जी अफवाहों और धोखाधड़ी को रोकने के लिए सोशल मीडिया की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। एनटीए ने साइबर क्राइम अथॉरिटी (I4C/MHA) और सीबीआई (CBI) के पास इस संबंध में शिकायतें भी दर्ज कराई हैं।
तकनीकी खराबी होने पर भी छात्रों को मिलेगी एंट्री
छात्रों के हित में एनटीए ने एक बड़ा फैसला लिया है। यदि किसी केंद्र पर तकनीकी खराबी, खराब फिंगरप्रिंट क्वालिटी या यूआईडीएआई कनेक्टिविटी समस्या के कारण किसी छात्र का लाइव बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा नहीं हो पाता है, तो भी उसे परीक्षा देने से रोका नहीं जाएगा। ऐसे उम्मीदवारों से केंद्र पर एक लिखित अंडरटेकिंग (वचनपत्र) ली जाएगी और वैध दस्तावेजों के जरिए उनका मैनुअल आइडेंटिटी वेरिफिकेशन कर उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी।
हेल्पलाइन और महत्वपूर्ण सलाह
एनटीए ने छात्रों को सचेत किया है कि वे पेपर लीक के फर्जी दावों और अफवाहों के जाल में न फंसें। किसी भी संदिग्ध मैसेज या चैनल की जानकारी तुरंत एनटीए या साइबर क्राइम सेल को दें।
मानसिक तनाव या किसी भी प्रकार की उलझन के लिए छात्र राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन Tele-MANAS (14416) पर 24×7 संपर्क कर सकते हैं।
एनटीए हेल्पलाइन नंबर्स (सुबह 10:00 से शाम 5:15 बजे तक):