शिक्षा संस्थानों को कमजोर करने का आरोप
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए खरगे ने आरोप लगाया कि वर्षों की मेहनत से खड़ी की गई शिक्षा संस्थाओं और व्यवस्थाओं को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की जिम्मेदारी केवल राजनीतिक संघर्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा करना भी उसका दायित्व है।
खरगे ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और युवाओं का विश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा विवादों ने छात्रों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस की बैठक में उठे शिक्षा और युवाओं के मुद्दे
इस मुद्दे पर चर्चा के लिए कांग्रेस ने गुरुवार को पार्टी के महासचिवों, प्रभारियों और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक बुलाई थी। बैठक में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।
बैठक में वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों के साथ-साथ युवाओं, शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस पहले भी नीट और अन्य परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार को घेरती रही है।
कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं ने हाल के दिनों में परीक्षा प्रबंधन और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है तथा युवाओं के हितों की सुरक्षा की मांग उठाई है।