रिकॉर्ड परीक्षा और सख्त सुरक्षा व्यवस्था
उम्मीदवारों की संख्या के लिहाज से यह भारत में एक ही पाली में आयोजित की गई सबसे बड़ी कंप्यूटर आधारित परीक्षा है।
एनबीईएमएस ने अनुचित साधनों के इस्तेमाल के मामलों में शून्य सहनशीलता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और मान्यता प्राप्त अस्पतालों के 2,200 से ज्यादा संकाय सदस्यों को नियुक्त किया था।
एनबीईएमएस ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त कानून-व्यवस्था, साइबर सुरक्षा और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पत्र भी लिखा था। इस संबंध में जिला प्रशासन और पुलिस से भी सहायता मांगी गई थी।
300 कमांडो और लाइव निगरानी प्रणाली
परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए, एनबीईएमएस ने गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) से सहायता ली।
अधिकारियों ने बताया कि लगभग 300 साइबर कमांडो विभिन्न परीक्षा केंद्रों, खासकर संवेदनशील केंद्रों पर, किसी भी प्रकार की नकल को रोकने के लिए तैनात किए गए थे।
एनबीईएमएस ने सभी परीक्षा केंद्रों से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज को वास्तविक समय में लगातार देखने के लिए अपने कार्यालय में 200 से अधिक कर्मियों को तैनात किया था।
उच्च स्तर की निगरानी और प्रवेश के लिए अहम परीक्षा
वरिष्ठ संकाय सदस्य, मेडिकल कॉलेजों के डीन/निदेशक और एनबीईएमएस शासी निकाय के सदस्यों ने उड़नदस्ते के रूप में परीक्षा केंद्रों का दौरा किया।
पर्याप्त संख्या में मोबाइल सिग्नल जैमर लगाकर सभी परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल सिग्नल अवरुद्ध कर दिए गए थे।
नीट-पीजी विभिन्न स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों जैसे एमडी, एमएस और पीजी डिप्लोमा में प्रवेश के लिए आयोजित किया जाता है।