केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि सोशल मीडिया पर तथ्यों से एकदम अलग हटकर चर्चा हो रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कुछ समय पहले पर्सेंटाइल को 50 से घटाकर 20 फीसदी किया गया जिसके बाद 13 हजार सीट रिक्त रह गईं।
नीट पीजी की पर्सेंटाइल शून्य करने के मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का कहना है कि पर्सेंटाइल हटाने का सीधा असर मेडिकल कॉलेजों में खाली पड़ी सीटों पर होगा। इन्हें भरने के लिए सरकार ने पर्सेंटाइल की शर्त को हटाया है। इसका मतलब यह नहीं है कि कोई भी छात्र सीधे कॉलेज जाकर प्रवेश पा सकता है। पर्सेंटाइल की शर्त हटने का मतलब है कि जब तक सीट नहीं भरेगीं, तब तक काउंसलिंग जारी रहेगी। कोई भी मेडिकल कॉलेज अपने स्तर पर सीधे प्रवेश नहीं दे सकता है।
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दरअसल, एक दिन पहले सरकार ने नीट पीजी परीक्षा की पर्सेंटाइल को शून्य कर दिया था जिसे लेकर सोशल मीडिया पर विरोध भी हो रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि सोशल मीडिया पर तथ्यों से एकदम अलग हटकर चर्चा हो रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कुछ समय पहले पर्सेंटाइल को 50 से घटाकर 20 फीसदी किया गया जिसके बाद 13 हजार सीट रिक्त रह गईं।
देश में इस साल दो लाख से ज्यादा छात्रों ने 68 हजार पीजी सीट के लिए आवेदन किया। इससे चिकित्सा की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि पीजी में प्रवेश एमबीबीएस उत्तीर्ण करने वाले छात्र को ही मिल सकता है।