नीट पीजी 2026 की काउंसलिंग के पहले चरण के लिए पंजीकरण प्रक्रिया आज, 12 अक्तूबर 2026 से शुरू होने वाली है। चिकित्सा परामर्श समिति यानी एमसीसी ने स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए कार्यक्रम जारी कर दिया है। नीट पीजी परीक्षा में निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in के माध्यम से काउंसलिंग में भाग ले सकेंगे। पंजीकरण के दौरान अभ्यर्थियों को अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक और परीक्षा संबंधी जानकारी भरनी होगी। आवेदन शुल्क और लागू सुरक्षा जमा राशि का भुगतान भी करना होगा। आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारियों की जांच करना जरूरी है।
पहले चरण की महत्वपूर्ण तारीखें क्या हैं?
एमसीसी के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण के लिए पंजीकरण और शुल्क भुगतान 12 से 21 अक्तूबर तक होगा। कॉलेज और पाठ्यक्रम के विकल्प भरने तथा उन्हें लॉक करने की प्रक्रिया 13 से 22 अक्तूबर तक चलेगी। सीट आवंटन की प्रक्रिया 22 और 23 अक्तूबर को निर्धारित है। पहले चरण का परिणाम 24 अक्तूबर को घोषित किया जाएगा। सीट मिलने वाले अभ्यर्थियों को 26 अक्तूबर से 2 नवंबर तक संबंधित संस्थान में रिपोर्ट करना होगा और प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद 3 नवंबर को प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों के आंकड़ों का सत्यापन किया जाएगा। सभी तारीखों पर नजर रखना जरूरी है।
कॉलेज और पाठ्यक्रम का विकल्प कैसे भरें?
पंजीकरण पूरा करने के बाद अभ्यर्थी निर्धारित समय के भीतर अपनी पसंद के कॉलेज और स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रम चुन सकेंगे। विकल्प भरते समय कॉलेज और पाठ्यक्रम को प्राथमिकता के क्रम में रखना चाहिए। अभ्यर्थियों को अपनी रैंक, पात्रता, उपलब्ध सीटों और पसंद के आधार पर विकल्पों की सूची तैयार करनी चाहिए। विकल्प भरने के बाद उन्हें निर्धारित समय के भीतर लॉक करना भी जरूरी है। केवल पंजीकरण करने से सीट आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं होती। सीट आवंटन के लिए विकल्प भरना और लॉक करना आवश्यक चरण हैं। अभ्यर्थियों को अंतिम समय की परेशानी से बचने के लिए समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।
पंजीकरण के लिए कौन-से दस्तावेज जरूरी हैं?
नीट पीजी काउंसलिंग में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए। इनमें नीट पीजी 2026 का प्रवेश पत्र, अंकपत्र या रैंक पत्र, एमबीबीएस की डिग्री अथवा अस्थायी प्रमाणपत्र, एमबीबीएस की अंकतालिकाएं, इंटर्नशिप पूरी करने का प्रमाणपत्र और चिकित्सा पंजीकरण प्रमाणपत्र शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा वैध सरकारी पहचान पत्र और लागू होने पर आरक्षित श्रेणी का प्रमाणपत्र भी तैयार रखना चाहिए। पंजीकरण के दौरान जरूरी दस्तावेजों की स्कैन की गई प्रतियां अपलोड करनी पड़ सकती हैं। प्रवेश के समय मूल दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। अभ्यर्थियों को एमसीसी की आधिकारिक सूचना पुस्तिका में दिए गए निर्देश भी ध्यान से पढ़ने चाहिए।
पंजीकरण शुल्क और सीट आवंटन के नियम क्या हैं?
काउंसलिंग के लिए अभ्यर्थियों को अपनी श्रेणी और संबंधित संस्थान के नियमों के अनुसार पंजीकरण शुल्क तथा सुरक्षा जमा राशि का भुगतान करना होगा। उपलब्ध शुल्क विवरण के अनुसार, अखिल भारतीय कोटे और केंद्रीय विश्वविद्यालयों की संबंधित सीटों के लिए सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों का पंजीकरण शुल्क 1,000 रुपये और सुरक्षा जमा राशि 25,000 रुपये बताई गई है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए संबंधित श्रेणियों में ये राशियां क्रमशः 500 रुपये और 10,000 रुपये हैं। पंजीकरण शुल्क वापस नहीं किया जाता, जबकि सुरक्षा जमा राशि की वापसी काउंसलिंग के नियमों पर निर्भर करती है। एमसीसी की वेबसाइट पर नवीनतम निर्देश अवश्य जांचें।
किन संस्थानों की सीटों के लिए होगी काउंसलिंग?
एमसीसी की काउंसलिंग में अखिल भारतीय कोटे की 50 प्रतिशत स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटों के साथ डीम्ड विश्वविद्यालयों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, कर्मचारी राज्य बीमा निगम के संस्थानों और अन्य संबंधित संस्थानों की सीटें शामिल होंगी। राज्य कोटे की शेष सीटों के लिए संबंधित राज्यों की काउंसलिंग संस्थाएं अलग से प्रक्रिया संचालित करेंगी। अभ्यर्थियों को अपनी पात्रता और इच्छित संस्थानों के अनुसार सही काउंसलिंग प्रक्रिया चुननी चाहिए। दिव्यांग श्रेणी के अंतर्गत आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को लागू मूल्यांकन संबंधी दिशानिर्देशों का भी पालन करना होगा। पंजीकरण से लेकर प्रवेश तक किसी भी बदलाव या नई सूचना के लिए एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट नियमित रूप से देखते रहें।