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नीट पीजी 2026: सवाल और उत्तर कुंजी जारी करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को भेजा नोटिस

Thu, 15 Oct 2026 03:38 PM IST
आकाश कुमार पीटीआई, नई दिल्ली

सार

नीट पीजी 2026 के सवालों, उत्तर विकल्पों और अभ्यर्थियों के दर्ज जवाबों को सार्वजनिक करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में एनएमसी और केंद्र को नोटिस भेजा है। अदालत ने केंद्र और संबंधित संस्थाओं से जवाब मांगा है। जानें पूरा मामला...
 
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने नीट पीजी 2026 की उत्तर कुंजी और अभ्यर्थियों के जवाबों की जानकारी देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए। अदालत ने इस याचिका को पहले से लंबित याचिकाओं के साथ जोड़ दिया है।

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यह मामला नीट पीजी परीक्षा में पूछे गए सवालों और उनके मूल्यांकन की प्रक्रिया से जुड़ा है। याचिकाकर्ता चाहते हैं कि अभ्यर्थियों को अपने जवाबों और सही उत्तरों की जानकारी मिल सके।

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याचिका में अभ्यर्थियों के लिए क्या मांग की गई है?

डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन और अन्य याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दायर की है। इसमें परीक्षा के दौरान प्रत्येक अभ्यर्थी को दिखाए गए सवालों और उत्तर विकल्पों की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की गई है। याचिका में मुख्य रूप से ये मांगें रखी गई हैं:
  • प्रत्येक अभ्यर्थी को परीक्षा में दिखाए गए वास्तविक सवालों की जानकारी मिले।
  • सवालों के साथ दिए गए उत्तर विकल्प उपलब्ध कराए जाएं।
  • अभ्यर्थी ने जो जवाब दर्ज किए थे, उनकी जानकारी दी जाए।
  • हर सवाल का सही उत्तर भी बताया जाए।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में अभ्यर्थी स्वतंत्र रूप से यह जांच नहीं कर पाते कि उनके जवाबों का सही मूल्यांकन हुआ है या नहीं।
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नीट पीजी 2026 की परीक्षा कब हुई थी?

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातकोत्तर (नीट पीजी) 2026 का आयोजन 30 अगस्त को किया गया था। हालांकि, जयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर तकनीकी समस्या के कारण प्रभावित हुए अभ्यर्थियों के लिए 5 सितंबर को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी। इस तरह परीक्षा से जुड़ा मौजूदा विवाद मुख्य रूप से उत्तर कुंजी, अभ्यर्थियों के दर्ज जवाबों और मूल्यांकन की पारदर्शिता पर केंद्रित है।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अब इस मामले में केंद्र सरकार, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग और अन्य संबंधित पक्षों का जवाब महत्वपूर्ण होगा। आगे की सुनवाई में अदालत इस मामले पर विचार करेगी।
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