याचिका में अभ्यर्थियों के लिए क्या मांग की गई है?
डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन और अन्य याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दायर की है। इसमें परीक्षा के दौरान प्रत्येक अभ्यर्थी को दिखाए गए सवालों और उत्तर विकल्पों की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की गई है। याचिका में मुख्य रूप से ये मांगें रखी गई हैं:
- प्रत्येक अभ्यर्थी को परीक्षा में दिखाए गए वास्तविक सवालों की जानकारी मिले।
- सवालों के साथ दिए गए उत्तर विकल्प उपलब्ध कराए जाएं।
- अभ्यर्थी ने जो जवाब दर्ज किए थे, उनकी जानकारी दी जाए।
- हर सवाल का सही उत्तर भी बताया जाए।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में अभ्यर्थी स्वतंत्र रूप से यह जांच नहीं कर पाते कि उनके जवाबों का सही मूल्यांकन हुआ है या नहीं।
नीट पीजी 2026 की परीक्षा कब हुई थी?
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातकोत्तर (नीट पीजी) 2026 का आयोजन 30 अगस्त को किया गया था। हालांकि, जयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर तकनीकी समस्या के कारण प्रभावित हुए अभ्यर्थियों के लिए 5 सितंबर को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी। इस तरह परीक्षा से जुड़ा मौजूदा विवाद मुख्य रूप से उत्तर कुंजी, अभ्यर्थियों के दर्ज जवाबों और मूल्यांकन की पारदर्शिता पर केंद्रित है।
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अब इस मामले में केंद्र सरकार, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग और अन्य संबंधित पक्षों का जवाब महत्वपूर्ण होगा। आगे की सुनवाई में अदालत इस मामले पर विचार करेगी।