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नीट पीजी 2026: सीट मिली, फिर भी अटक सकता है दाखिला, जॉइनिंग से पहले जान लें एनबीईएमएस के ये जरूरी नियम

Sat, 24 Oct 2026 04:36 PM IST
शिवम तिवारी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

नीट पीजी 2026 काउंसलिंग के जरिए एनबीईएमएस सीट पाने वाले उम्मीदवारों के लिए जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं। राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड ने अस्पतालों को दस्तावेजों की जांच और जॉइनिंग की जानकारी समय पर पोर्टल पर अपडेट करने को कहा है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र भी जांचे जाएंगे। जानें दाखिले, पात्रता और सीट खाली होने से जुड़े जरूरी नियम क्या हैं।
 
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NEET PG 2026 - फोटो : AI Generated
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विस्तार
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राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (चिकित्सा विज्ञान) यानी एनबीईएमएस ने नीट पीजी 2026 की अखिल भारतीय कोटा (एआईक्यू) काउंसलिंग के जरिए आवंटित अपनी मान्यता प्राप्त सीटों पर दाखिले को लेकर निर्देश जारी किए हैं। 24 अक्तूबर 2026 को जारी सूचना में बताया गया है कि उम्मीदवारों को स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के तहत मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) की ओर से जारी काउंसलिंग कार्यक्रम और नियमों का पालन करना होगा। उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर दी गई सूचना पुस्तिका, सेवा बॉन्ड से जुड़े नियम और दूसरी सूचनाएं ध्यान से पढ़नी चाहिए। दाखिले से पहले पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जुटाना भी जरूरी है।

जॉइनिंग की जानकारी कब देनी होगी?

एनबीईएमएस सीट पाने वाले उम्मीदवारों की रिपोर्टिंग और जॉइनिंग की स्थिति इंट्रा-एमसीसी पोर्टल पर तय समय के भीतर अपडेट करनी होगी। यह काम संबंधित अस्पताल को एमसीसी की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार करना है। यदि अस्पताल उम्मीदवार की रिपोर्टिंग या जॉइनिंग की जानकारी समय पर अपडेट नहीं करता है, तो उस सीट को खाली माना जा सकता है और अगले काउंसलिंग राउंड में शामिल किया जा सकता है। इसलिए उम्मीदवारों को अस्पताल से अपनी जॉइनिंग की स्थिति की पुष्टि करते रहना चाहिए। काउंसलिंग के दौरान जारी होने वाले नए निर्देशों और समय-सीमा पर भी नजर रखना जरूरी है।

कौन-से दस्तावेजों की होगी जांच?

एनबीईएमएस से मान्यता प्राप्त अस्पतालों को उम्मीदवार के दाखिले के समय जरूरी मूल दस्तावेजों की जांच करनी होगी। अस्पताल यह भी सुनिश्चित करेंगे कि उम्मीदवार आवंटित सीट पर प्रवेश के लिए तय पात्रता शर्तों को पूरा करता हो। केवल सीट आवंटित हो जाने से दाखिला अपने आप पक्का नहीं हो जाता। उम्मीदवारों को अपनी शैक्षणिक योग्यता, पहचान और प्रवेश से जुड़े जरूरी प्रमाण पत्र तैयार रखने चाहिए। दस्तावेजों में किसी तरह की कमी या जानकारी में अंतर होने पर दाखिले में परेशानी हो सकती है। इसलिए अस्पताल पहुंचने से पहले एमसीसी की सूचना पुस्तिका और संबंधित निर्देशों के अनुसार सभी दस्तावेजों की जांच कर लें।
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आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार क्या ध्यान रखें?

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के गैर-क्रीमी लेयर और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की आरक्षित सीटों पर प्रवेश पाने वाले उम्मीदवारों के प्रमाण पत्र भी जांचे जाएंगे। अस्पताल को यह सुनिश्चित करना होगा कि उम्मीदवार के पास नीट पीजी 2026 की सूचना पुस्तिका में दिए गए नियमों के अनुसार सही और मान्य श्रेणी प्रमाण पत्र हो। उम्मीदवारों को अपने प्रमाण पत्र की वैधता, उस पर दर्ज जानकारी और लागू नियमों की पहले से जांच कर लेनी चाहिए। यदि प्रमाण पत्र निर्धारित शर्तों के अनुसार नहीं हुआ, तो प्रवेश प्रक्रिया में परेशानी आ सकती है। इसलिए संबंधित श्रेणी के उम्मीदवारों को मूल प्रमाण पत्र साथ रखना चाहिए।

 अस्पतालों और उम्मीदवारों की क्या जिम्मेदारी है?

एनबीईएमएस से मान्यता प्राप्त अस्पतालों और संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे किसी उम्मीदवार को प्रशिक्षण में शामिल करने से पहले उसकी पात्रता की पुष्टि करें। साथ ही, जरूरी दस्तावेजों की जांच और पोर्टल पर जॉइनिंग की जानकारी अपडेट करने की प्रक्रिया पूरी करें। उम्मीदवारों को भी काउंसलिंग के नियमों, रिपोर्टिंग की समय-सीमा और दस्तावेजों से जुड़ी शर्तों का पालन करना चाहिए। दाखिले से संबंधित किसी भी बदलाव के लिए एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचना को ही आधार बनाएं। एनबीईएमएस ने 24 अक्तूबर 2026 की सूचना में जॉइनिंग प्रक्रिया को लेकर ये निर्देश दिए हैं। उम्मीदवारों को आगे की कार्रवाई से पहले पूरी सूचना पढ़नी चाहिए। 
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