वकील ने कोर्ट को सूचित किया कि इस याचिका को 23 मई को सूचीबद्ध किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सोमवार को फिर से इस पर ध्यान दिलाया गया, जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई की सहमति दे दी। वकील ने कहा “बेंच ने कहा है कि इस सप्ताह याचिका पर सुनवाई की जाएगी। यह मामला अत्यंत जरूरी है क्योंकि 2 जून को एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।”
पहले भी मांगा गया था जवाब
इससे पहले 5 मई को सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE), नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) और स्वास्थ्य मंत्रालय से जवाब मांगा था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने नीट पीजी काउंसलिंग में सीट ब्लॉकिंग की समस्या को खत्म करने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए थे। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि परीक्षा के कच्चे अंक (raw scores), उत्तर कुंजी (answer keys) और नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला को सार्वजनिक किया जाए।
क्या है याचिका का तर्क?
यह याचिका "अदिति और अन्य" द्वारा दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि परीक्षा को दो शिफ्टों में कराना असमानता को जन्म देगा क्योंकि दोनों शिफ्टों में पेपर का कठिनाई स्तर अलग हो सकता है। इससे प्रतियोगिता के "न्यायपूर्ण, उचित और समान" आधारों पर असर पड़ेगा। याचिका में मांग की गई है कि NBE को निर्देश दिया जाए कि वह परीक्षा को एक ही शिफ्ट में आयोजित करे ताकि सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके।