सीबीआई की जांच तेज, डिजिटल सबूतों और बड़े नेटवर्क की तलाश
सीबीआई ने अदालत को बताया कि मामले की जांच के लिए मोबाइल, लैपटॉप जैसे डिजिटल उपकरणों और सबूतों की जांच जरूरी है। एजेंसी के अनुसार, “पेपर लीक नेटवर्क” से जुड़े कॉल रिकॉर्ड और पैसों के लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
सीबीआई ने कहा कि लीक हुए प्रश्नपत्र के स्रोत और पूरे मामले की बड़ी साजिश का पता लगाना जरूरी है। इसके लिए आरोपी को महाराष्ट्र के नासिक समेत कई जगहों पर ले जाकर पूछताछ करनी पड़ सकती है।
एजेंसी के मुताबिक, कुछ उम्मीदवारों से भी शुभम खैरनार के संबंध में पूछताछ की गई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रश्नपत्र किन-किन जगहों पर लीक हुआ था। वहीं, पुणे की भौतिकी लेक्चरर मनीषा संजय हवलदार, जिन्हें शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था, फिलहाल ट्रांजिट रिमांड पर हैं और उन्हें सोमवार को संबंधित अदालत में पेश किया जा सकता है।
NEET पेपर लीक मामले में अब तक 10 गिरफ्तार
अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार पांच अन्य आरोपियों को भी 25 मई को सीबीआई हिरासत खत्म होने के बाद अदालत में पेश किया जाएगा। सीबीआई अब तक इस केस में कुल 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा 3 मई को हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद इसे दो दिन बाद रद्द कर दिया गया। इसके बाद केंद्र सरकार ने मामले में हुई कथित अनियमितताओं की गहराई से जांच करने का जिम्मा सीबीआई को सौंपा है।