1. 3 मई की परीक्षा रद्द, अब 21 जून को होगा री-एग्जाम
नीट-यूजी की परीक्षा पहले 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन 7 मई को यह बात सामने आई कि गेस पेपर वाले सवाल ही मुख्य परीक्षा में पूछे गए हैं। प्रारंभिक जांच के बाद मामले को तुरंत जांच एजेंसियों को सौंप दिया गया। 8 मई से जांच प्रक्रिया शुरू हुई और 12 मई को छात्रों के हित में इस परीक्षा को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया। अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इस री-एग्जाम की नई तारीख 21 जून तय की है।
2. री-एग्जाम में 15 मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा
आमतौर पर छात्रों को ओएमआर शीट पर हस्ताक्षर करने और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने में काफी समय लग जाता था, जिससे उनका मुख्य परीक्षा का समय प्रभावित होता था। अब नए नियमों के तहत छात्रों को बड़ी राहत देते हुए परीक्षा के समय में 15 मिनट की अतिरिक्त बढ़ोतरी की गई है। अब उम्मीदवारों को परीक्षा के लिए कुल 3 घंटे 15 मिनट का समय मिलेगा। 21 जून को नीट यूजी परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी।
3. पसंद का शहर चुनने की आजादी
री-एग्जाम में शामिल होने वाले छात्रों की सहूलियत के लिए सरकार ने परीक्षा केंद्र के चयन में बड़ी छूट दी है। छात्र अब अपनी पसंद का परीक्षा केंद्र या शहर चुन सकेंगे। इसके लिए एनटीए की ओर से एक हफ्ते के लिए विशेष विंडो खोली जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि मौसम की स्थिति और विद्यार्थियों के आवागमन को देखते हुए उन्हें कम से कम यात्रा करनी पड़े।
4. एडमिट कार्ड 14 जून तक मिल जाएगा
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि पुनर्परीक्षा के प्रवेश पत्र 14 तक उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
5. छात्रों पर नहीं पड़ेगा कोई आर्थिक बोझ, फीस होगी 'शून्य'
परीक्षा रद्द होने के कारण छात्रों को किसी भी प्रकार की वित्तीय परेशानी न हो, इस बात का भी ध्यान रखा गया है। 21 जून को होने वाले री-एग्जाम के लिए छात्रों से कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
6. बरसात का मौसम होगा, उसी अनुसार लिया जाएगा निर्णय
शिक्षा मंत्री ने कहा कि 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा के आसपास बरसात को मौसम रहेगा। मौसम की स्थिति का भी ध्यान रखा जा रहा है। अगर मौसम अनुकूल नहीं हुआ तो हम उसी के अनुसार निर्णय लेंगे
7. ओएमआर (OMR) शीट का अंत, अगले साल से परीक्षा होगी ऑनलाइन
नीट परीक्षा के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। सरकार का मानना है कि पेपर-पेन मोड और ओएमआर शीट आधारित व्यवस्था ही पेपर लीक और धांधलियों की मुख्य जड़ रही है। इसलिए शिक्षा मंत्री ने घोषणा की है कि अगले साल से नीट-यूजी की परीक्षा पूरी तरह से ऑनलाइन यानी कंप्यूटर आधारित टेस्ट (Computer Based Test) मोड में ली जाएगी। इस डिजिटल शिफ्ट से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
एनटीए में सुधार की जरूरत, साइबर सुरक्षा भी चुनौती: प्रधान
वर्तमान में एनटीए लगभग 1 करोड़ बच्चों की परीक्षाएं आयोजित कराता है। शिक्षा मंत्री ने स्वीकार किया है कि वर्तमान एनटीए मैकेनिज्म में सुधार की सख्त जरूरत है। टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और आधुनिक साइबर खतरों के माध्यम से होने वाली गड़बड़ियों से निपटने के लिए एनटीए के तकनीकी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की सेंधमारी को पूरी तरह रोका जा सके।
सीबीआई जांच और शिक्षा माफियाओं को कड़ी चेतावनी
इस पूरे मामले की गहराई से जांच करने और कमियों का पता लगाने की जिम्मेदारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई है। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि इससे पहले राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों को शब्दशः लागू किए जाने के बावजूद यह घटना हुई, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने 21 जून की परीक्षा के मद्देनजर शिक्षा माफियाओं को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वे इस परीक्षा से दूर रहें, अन्यथा उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।