सूत्रों के मुताबिक, इस उच्च स्तरीय बैठक में पेपर सेटिंग से लेकर प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज और परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्रों की सुरक्षित आपूर्ति के पूरे नेटवर्क पर विस्तार से मंथन हुआ।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी खुद इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। 40 मिनट चली बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह, पीएमओ और शिक्षा मंत्रालय के चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अर्धसैनिक बल करेंगे संवेदनशील केंद्रों की सुरक्षा
सूत्रों के मुताबिक, अधिक संवदेनशील केंद्रों की सुरक्षा अर्द्धसैनिक बल करेंगे। ये केंद्र पेपर लीक और पेपर माफिया के निशाने वाले हैं। यहां जांच एजेंसियों के कर्मी सादी वर्दी में तैनात रहेंगे। नीट में पेपर सेटिंग करने वाले ही लीक का कारण बने थे, इसलिए अब क्रॉस वेरिफिकेशन के बाद ही परीक्षा में ड्यूटी लगाई जाएगी।
वायुसेना के विमानों से प्रश्न पत्र भेजने का प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक, सरकार प्रश्न पत्र भेजने और उसकी सुरक्षा के लिए रक्षा प्रतिष्ठानों और वायुसेना की मदद लेने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव है कि प्रश्नपत्रों को प्रिंटिंग प्रेस से वितरण केंद्रों तक वायुसेना के विमानों और विशेष सुरक्षित वाहनों के जरिये पहुंचाया जाए और रक्षा प्रतिष्ठानों में रखा जाए।
गौरतलब है कि नीट यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद परीक्षा 12 मई को रद्द कर दी गई थी। अब 21 जून को होने वाली नीट पुनर्परीक्षा में करीब 23 लाख छात्र शामिल होंगे। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान लगातार परीक्षा तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।