अगर आप एमबीबीएस में दाखिला लेना चाहते हैं तो ये विकल्प आपको जरूर जानने चाहिए। 4 जून को नीट के नतीजे जारी होने के बाद लाखों छात्र ये सोच रहे हैं कि उन्हें मिली रैंक पर क्या सरकारी कॉलेज में सीट मिल सकेगी।इस वर्ष 24 लाख से अधिक युवाओं ने नीट परीक्षा दी है।जिसमें 13 लाख 16 हजार अभ्यर्थी सफल हुए हैं। देश में केवल 55,648 सरकारी सीटें हैं, अन्य युवाओं के पास फिर से परीक्षा देने या निजी कॉलेज में दाखिले का विकल्प होता है बड़ी संख्या में सफल कैंडिडेट होने के कारण कट ऑफ हाई हो जाती है, ऐसे में अधिकांश छात्रों को डॉक्टर बनने के लिए प्लान बी का सहारा लेना पड़ता है। हर वर्ष तकरीबन 25 हजार युवा विदेश से एमबीबीएस करने की योजना बनाते हैं।
यदि आप भी ऐसा सोच रहे हैं तो रूस, जॉर्जिया, कजाकिस्तान औऱ नेपाल जैसे देश आपके लिए अच्छे विकल्प रहेंगे। 2023 में इन देशों में 15,000 से अधिक छात्रों ने मेडिकल कोर्सेज में दाखिला लिया है।देश में सरकारी कॉलेज नहीं मिलने पर अगर आप निजी कॉलेजों में दाखिला लेते हैं तो आपका बजट औसतन 80 लाख रुपये या इससे अधिक भी जा सकता है।वहीं अगर आप विदेश से एमबीबीएस डिग्री करने का प्लान कर रहे हैं तो उसका बजट मात्र 20 लाख रुपये से शुरू हो जाता है।यही कारण है कि हर वर्ष हजारों युवा विदेश में एमबीबीएस में दाखिला ले रहे हैं। विदेशों में आपको ट्यूशन फीस भरने के लिए सितम्बर तक का टाइम होता है। जिस कारण सैकड़ों छात्र वहां पहले ही अपनी सीट आरक्षित कर लेते हैं। नीट में सफल होने वाले तकरीबन 25 प्रतिशत छात्र विदेश से एमबीबीएस का परामर्श जरूर लेकर अपनी सीट वहां आरक्षित कर लेते हैं। जो आपके लिए भी एक स्मार्ट तरीका हो सकता है। यदि आप भी एक छात्र हैं और विदेश से MBBS की पढ़ाई के विकल्प तलाश रहे हैं तो दिए गए लिंक
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राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने बदले नियम
अब भारत में प्रक्टिस के लिए हर एमबीबीएस छात्र को NExT एग्जाम क्लीयर करना होगा।ऐसे में कई अभिभावक ये सवाल कर रहे हैं कि भारत में प्रक्टिस के लिए जब हमें भी एनईएक्सटी परीक्षा देनी होगी तो 80 लाख रुपये की जगह क्यों न कम लागत में विदेश से एमबीबीएस डिग्री का विकल्प चुना जाए।
विदेश से MBBS की प्लानिंग के 7 सुझाव
- ट्यूशन फीस सिर्फ यूनिवर्सिटी को पे करें, एजेंट को नहीं
- एनएमसी के नियम पढ़ें
- 54 महीने के कैरेबियन और 48 महीने के फिलीपींस जैसे प्रोग्राम्स से बचें
- अगर आप USA से पीजी करना चाहते हैं तो जॉर्जिया की अग्रणी यूनिवर्सिटी TSMU व यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया के इंटीग्रेटेड अमेरिकी प्रोग्राम ही चुनें
- अगर आप रूस से एमबीबीएस करना चाहते हैं तो राजधानी मॉस्को के करीब ओरेल मेडिकल यूनिवर्सिटी को चुनें
- ऐसी यूनिवर्सिटी चुनें जो आपको NExt की तैयारी कराती हो। जैसे - कजाकिस्तान की Kokshetau स्टेट यूनिवर्सिटी
- सफलता मोक्ष जैसे अनुभवी कॅरिअर प्लानर को चुनें, जो एमबीबीएस एडमिशन के साथ एग्जिट एग्जाम NExt, USMLE इत्यादि की तैयारी कराते हों
| आल इंडिया + राज्य काउंसिलिंग |
2023 में इस रैंक पर मिली सरकारी सीटें |
एमबीबीएस एब्रॉड को चुनें और अपने वर्ष को बचाएं
ऐसे छात्र जिनकी रैंक कम आयी है और वह देश में सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट हासिल नहीं कर पाए हैं उन्हें एमबीबीएस एब्रॉड विकल्प चुनना चाहिए। क्योंकि अधिकतक ग्लोबल यूनिवर्सिटीज एडवांस ट्यूशन फीस नहीं मांगती, सितम्बर तक आपको वीजा मिल जाता है तभी आपको ट्यूशन फीस भी अदा करनी है। ऐसे में अगले वर्ष फिर से नीट एग्जाम में बैठा जाए से बेहतर है कि आप प्लान बी पर काम करें और एमबीबीएस एब्रॉड को चुनें।
अधिक जानकारी के लिए एमबीबीएस कॅरिअर प्लानिंग हॉटलाइन : 18005710202 पर कॉल करें, और अपने मेडिकल कॅरिअर के सपने को साकार करने के लिए एक बेहतर फैसला लें। अगर आप मोक्ष काउंसलर्स मिलना चाहते हैं तो इस लिंक
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