दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉन कॉलिजिऐट वूमेन एजुकेशन बोर्ड (एनसीवेब) के 26 सेंटरों के लिए पहली कटऑफ जारी हो गई है। इस बार व्यावहारिक कटऑफ रखने के कारण बीए प्रोग्राम व बीकॉम प्रोग्राम की कटऑफ में बड़ी गिरावट हुई है। इनमें बीए प्रोग्राम में औसतन चार फीसदी और बीकॉम प्रोग्राम में 8 फीसदी तक की कमी आई है।
बीए व बीकॉम प्रोग्राम के लिए एसटी की कटऑफ हंसराज व मिरांडा हाउस सेंटर को छोड़कर 40 फीसदी है। खास बात यह है कि हर बार रेगुलर कॉलेजों की कटऑफ के समान उछाल मार रही एनसीवेब की कटऑफ पर ब्रेक लगा है। इस बार एससी, एसटी व ओबीसी की कटऑफ का ग्राफ भी नीचे आया है।
इस बार बीए प्रोग्राम में हंसराज सेंटर व मिरांडा हाउस सेंटर पर सामान्य के लिए कटऑफ 78 फीसदी है। इसमें बीते साल की तुलना में दस फीसदी की गिरावट हुई है। मिरांडा व हंसराज सेंटर पर ही बीए प्रोग्राम की सबसे अधिक कटऑफ रही है। अदिति व भगिनी निवेदिता सेंटर को छोड़कर अन्य 22 सेंटरों पर बीए प्रोग्राम की कटऑफ 74 फीसदी है। इसमें बीते साल की तुलना में 4 फीसदी की कमी हुई है। वहीं बीकॉम प्रोग्राम की कटऑफ मिरांडा हाउस व हंसराज सेंटर पर 85 फीसदी रही है। यह बीते साल की तुलना में पांच फीसदी लुढ़की है।
अदिति महाविद्यालय व भगिनी निवेदिता सेंटर पर कटऑफ 77 फीसदी व अन्य 22 सेंटरों पर कटऑफ 78 फीसदी है। 22 सेंटरों पर कटऑफ में औसतन 8 फीसदी की गिरावट हुई है।
उल्लेखनीय है कि इस बार एनसीवेब की 12 हजार सीटों के लिए डेढ़ लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। अब इस कटऑफ के आधार पर दिल्ली की छात्राएं ही इसमें दाखिला ले सकेंगी।
एनसीवेब की कार्यवाहक निदेशक डॉ. अंजू गुप्ता ने कहा कि इस बार कटऑफ को काफी व्यावहारिक रखा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्राएं यहां दाखिला ले सकें। ज्यादा कटऑफ रखने से छात्राएं रेगुलर का रुख करती हैं, लेकिन इस बार जिस तरह कटऑफ बनाई गई है, उससे उम्मीद है कि ज्यादा दाखिले होंगे। एनसीवेब के शनिवार व रविवार केंद्रों (कुल 26) के लिए जारी पहली कटऑफ के दाखिले 30 जून, 2 जुलाई व 3 जुलाई को सुबह 9:30 से 1:30 बजे तक लिए जा सकेंगे।