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NCPCR: मदरसा छात्रों के सरकारी स्कूलों में स्थानांतरण पर हाईकोर्ट में दे चुनौती, सुप्रीम कोर्ट ने दिया निर्देश

Mon, 04 Aug 2025 02:59 PM IST
शिवम गर्ग एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Madrasa Students: सुप्रीम कोर्ट ने मदरसा छात्रों को सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित करने के NCPCR के आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती देने की अनुमति दी है। जामियात उलेमा-ए-हिंद ने यूपी और त्रिपुरा सरकार के आदेशों को चुनौती दी है।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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Supreme Court on Madrasa Students: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) द्वारा जारी उन आदेशों को चुनौती दी जा सकती है, जिसमें अनधिकृत मदरसों के छात्रों को सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित करने को कहा गया है। इस मामले को संबंधित उच्च न्यायालय में उठाया जा सकता है।

जामियात उलेमा-ए-हिंद ने यूपी और त्रिपुरा सरकार के आदेशों को चुनौती दी

जामियात उलेमा-ए-हिंद नामक याचिकाकर्ता संगठन ने उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा सरकारों द्वारा जारी उन निर्देशों को चुनौती दी है, जिनमें मदरसा छात्रों को अनधिकृत मदरसों से सरकारी स्कूलों में भेजने को कहा गया है।

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न्यायमूर्ति एम एम सुंदरश और न्यायमूर्ति एन कोतिस्वर सिंह की पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील को बताया कि सर्वोच्च न्यायालय पहले से ही इस मामले में रोक लगा चुका है और अब इसे उच्च न्यायालय में ले जाने की छूट दी जाएगी।

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सुप्रीम कोर्ट ने लगाई अस्थायी रोक

गत वर्ष 21 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने NCPCR द्वारा 7 जून और 25 जून 2024 को जारी आदेशों पर रोक लगाई थी और संबंधित राज्यों को भी इस आदेश के तहत कोई कार्रवाई न करने को कहा था। वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह, जो याचिकाकर्ता की ओर से पेश थीं, ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का अस्थायी आदेश अभी भी लागू है और इस मामले की अंतिम सुनवाई की जानी चाहिए।

पीठ ने कहा, “आप हाईकोर्ट में जा सकते हैं, यह एक संवैधानिक अदालत है।” उन्होंने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट पर भरोसा रखने की सलाह भी दी। मामला तीन सप्ताह बाद फिर से सुनवाई के लिए रखा जाएगा।

इस फैसले से यह स्पष्ट हुआ है कि मदरसा छात्रों के सरकारी स्कूलों में स्थानांतरण से जुड़े विवादों का समाधान उच्च न्यायालय के जरिए किया जाएगा, जबकि सुप्रीम कोर्ट की रोक जारी रहेगी।

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