एनसीईआरटी ने आम जनता से ऐसी पाठ्यपुस्तकों या कार्यपुस्तिकाओं से दूर रहने का अनुरोध किया है, क्योंकि ऐसी पुस्तकों की सामग्री तथ्यात्मक रूप से गलत हो सकती है।
एनसीईआरटी ने सोमवार को पायरेटेड स्कूली पाठ्यपुस्तकों के खिलाफ चेतावनी जारी की और इनमें तथ्यात्मक रूप से गलत सामग्री होने की संभावना जताई। एनसीईआरटी ने बताया कि यह उसकी शैक्षिक सामग्रियों के कॉपीराइट का उल्लंघन है।
परिषद ने कहा, "एनसीईआरटी के संज्ञान में यह आया है कि कुछ बेईमान प्रकाशक एनसीईआरटी से अनुमति प्राप्त किए बिना, एनसीईआरटी वेबसाइट पर उपलब्ध एनसीईआरटी स्कूल पाठ्यपुस्तकों को अपने नाम से छाप रहे हैं।"
एनसीईआरटी ने लोगों से कहा कि अगर उन्हें ऐसी किताबें मिलती हैं तो वे परिषद को सूचित करें। "आम जनता से अनुरोध है कि कृपया ऐसी पाठ्यपुस्तकों या कार्यपुस्तिकाओं से दूर रहें क्योंकि उनकी सामग्री तथ्यात्मक रूप से गलत हो सकती है और साथ ही एनसीएफ 2023 के मूल दर्शन के खिलाफ भी हो सकती है। जो भी व्यक्ति ऐसी पायरेटेड पाठ्यपुस्तकों या कार्यपुस्तिकाओं को देखता है, उसे तुरंत एनसीईआरटी को ईमेल pd.ncert@nic.in के माध्यम से सूचित करना चाहिए।"
एनसीईआरटी ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि कक्षा 3 के लिए पाठ्यपुस्तकें अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक और कक्षा 6 के लिए मई के मध्य तक उपलब्ध होंगी। कक्षा 1, 2, 7, 8, 10 और 12 के लिए पाठ्यपुस्तकों के 2023-2024 संस्करणों की 1.21 करोड़ प्रतियां देश भर में जारी की गई हैं।