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NCERT: अगर आपके पास आठवीं की सामाजिक विज्ञान की किताब है तो तुरंत लौटा दें, एनसीईआरटी का सार्वजनिक रिकॉल

Fri, 27 Feb 2026 06:16 PM IST
Akash Kumar एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

NCERT Book Recall: एनसीईआरटी ने कक्षा 8 की सोशल साइंस किताब को सार्वजनिक रूप से वापस मंगाया है। सुप्रीम कोर्ट ने किताब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए छपाई, बिक्री और डिजिटल प्रसार रोकने का आदेश दिया है। विवादित अध्याय से जुड़ा ऑनलाइन कंटेंट हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
 
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एनसीईआरटी ने सभी से विवादित किताब की प्रति लौटाने का अनुरोध किया है - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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एनसीईआरटी ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक 'Exploring Society: India and Beyond - Part 2' को लेकर सार्वजनिक रिकॉल (वापसी) जारी किया है। संस्था ने जिन व्यक्तियों या संगठनों के पास यह किताब है, उनसे इसे तुरंत लौटाने को कहा है। विवाद बढ़ने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।

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एनसीईआरटी ने मीडिया सलाह जारी कर कहा है कि किताब की सभी प्रतियां नई दिल्ली स्थित श्री अरबिंदो मार्ग मुख्यालय में शिक्षा विभाग (DESS) या प्रकाशन प्रभाग को जल्द से जल्द लौटाई जाएं। साथ ही, 'The Role of the Judiciary in Our Society' अध्याय से जुड़ा कोई भी कंटेंट यदि सोशल मीडिया या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया है, तो उसे तुरंत हटाने को कहा गया है। संस्था ने दोहराया कि किताब वापस ले ली गई है।

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सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने 26 फरवरी को पुस्तक के प्रकाशन, छपाई, बिक्री और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया। कोर्ट ने केंद्र सरकार को तुरंत आदेश लागू करने और भौतिक व ऑनलाइन प्रसार रोकने के निर्देश दिए।

25 फरवरी को कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था और एनसीईआरटी निदेशक तथा स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।

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केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि किताब की 32 प्रतियां बिक चुकी थीं और उन्हें वापस लिया जा रहा है। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को डिजिटल प्रसार रोकने और 27 फरवरी तक कार्रवाई रिपोर्ट देने के निर्देश दिए, ताकि कोर्ट में अनुपालन हलफनामा दाखिल किया जा सके।

अदालत ने यह भी कहा है कि पुस्तक तैयार करने में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भरोसा दिया है कि जवाबदेही तय की जाएगी और उचित कदम उठाए जाएंगे।
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