सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने 26 फरवरी को पुस्तक के प्रकाशन, छपाई, बिक्री और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया। कोर्ट ने केंद्र सरकार को तुरंत आदेश लागू करने और भौतिक व ऑनलाइन प्रसार रोकने के निर्देश दिए।
25 फरवरी को कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था और एनसीईआरटी निदेशक तथा स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
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केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि किताब की 32 प्रतियां बिक चुकी थीं और उन्हें वापस लिया जा रहा है। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को डिजिटल प्रसार रोकने और 27 फरवरी तक कार्रवाई रिपोर्ट देने के निर्देश दिए, ताकि कोर्ट में अनुपालन हलफनामा दाखिल किया जा सके।
अदालत ने यह भी कहा है कि पुस्तक तैयार करने में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भरोसा दिया है कि जवाबदेही तय की जाएगी और उचित कदम उठाए जाएंगे।