गोमुख, कुंभ मेला व गंगा नदी भी शामिल
गंगा की कहानी पाठ में हिमालय, उत्तरकाशी, गंगोत्री, हिमनद से गंगा के उदगम स्थल के बारे में बताया गया है। इसमें भागीरथी नदी, देवप्रयाग में अलगनंदा, ऋषिकेश, हरिद्वार(12 साल बाद कुंभ) के बारे में लिखा है। लोग मुझे पवित्र नदी मानते हैं, लेकिन गंगोत्री में मेरा रंग चांदी जैसा तो काशी पहुंचने तक कारखानों व नगरों के प्रदूषण से मैं गंगा मटमैली हो जाती है। इसमें गंगा के उदगम स्थल उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल से लेकर बंगाल की खाड़ी तक गंगा की यात्रा व दिक्कतों को बताया गया है। इसमें धार्मिक भावना, पर्यावरण बचाने की सीख, खेती के लिए पानी की जरूरत का संदेश दिया गया है।
हरियाणा, मणिपुर, अरुणाचल, उज्जैन और असम को जानेंगे
पांचवीं कक्षा की इसी पुस्तक में पहली बार बच्चों को विभिन्न राज्यों, पर्वों को कहानियों के माध्यम से जानने का मौका मिलेगा। इसमें गाय के दूध की जरूरत से हरियाणा, भारत की एकमात्र ताजे पानी की लोकतक झील के माध्यम से मणिपुर, ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर बसे कांजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान पाठ में असम, न्याय की कुर्सी पाठ में राजा विक्रमादित्य, प्राचीन व ऐतिहासिक नगरी उज्जैन को जानने का मौका मिलेगा। अरुणाचल प्रदेश में बुद्धपूर्णिमा पर मनाए जाने वाले पर्व साडकेन को भी पाठ में शामिल किया गया है।
अजंता और एलोरा में भारतीय संस्कृति
भारतीय संस्कृति, इंजीनियरिंग और कला की 2000 वर्ष पूर्व बनी अजंता और एलोरा की गुफाओं को शामिल किया गया है। इसमे पहाड़ों को काटकर बनाए गए करीब 30 मंदिर, सुंदर मूर्तियां, विशाल शिलाओं, चित्रकारी दर्शाई गई है।