क्या है एनसीईआरटी की सीईई परीक्षा?
सरल शब्दों में समझें तो जैसे डॉक्टर बनने के लिए नीट और इंजीनियर बनने के लिए जेईई की परीक्षा पास करनी होती है, वैसे ही सरकारी टीचर ट्रेनिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए की NCERT CEE परीक्षा होती है।
यहां से पढ़ाई करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि छात्र 12वीं के तुरंत बाद ही ‘इंटीग्रेटेड कोर्स’ जैसे BSc-BEd या BA-BEd चुन सकते हैं। इससे ग्रेजुएशन और B.Ed की पढ़ाई एक साथ सिर्फ 4 साल में पूरी हो जाती है और छात्रों का एक साल बच जाता है।
इन कोर्सेज में मिलेगा दाखिला
सीईई 2026 के जरिए कई प्रमुख शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा। इनमें बीएड (BEd), एमएड (MEd), इंटीग्रेटेड MScEd, इंटीग्रेटेड BEd-MEd और MA in Education Technology जैसे कोर्स शामिल हैं। जो छात्र इन पाठ्यक्रमों में एडमिशन लेना चाहते हैं, उन्हें समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
एनसीईआरटी ने उम्मीदवारों से कहा है कि आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें। इसमें शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी शामिल हैं, ताकि फॉर्म भरने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए।
कोर्स के अनुसार अलग है योग्यता
सीईई 2026 के लिए पात्रता शर्तें अलग-अलग कोर्स के अनुसार तय की गई हैं।
इंटीग्रेटेड MScEd: इस प्रोग्राम में आवेदन करने वाले सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को 12वीं या समकक्ष परीक्षा में कम से कम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त होना जरूरी है। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम अंक 45 प्रतिशत निर्धारित किए गए हैं। वहीं, जिन छात्रों ने वर्ष 2024 या 2025 में 12वीं की परीक्षा पास की है, वे भी इस प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन करने के पात्र माने जाएंगे।
तीन वर्षीय इंटीग्रेटेड BEd-MEd: इस कोर्स में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों के पास साइंस, सोशल साइंस या मानविकी विषयों में कम से कम 55 प्रतिशत अंकों या समकक्ष ग्रेड के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए।
चयन प्रक्रिया में ऐसे मिलेगा वेटेज
एनसीईआरटी ने प्रवेश प्रक्रिया के लिए चयन मानदंड भी स्पष्ट कर दिए हैं। उम्मीदवारों के चयन में सीईई 2026 स्कोर को 60 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा। जबकि बाकी 40 प्रतिशत महत्व उम्मीदवारों के शैक्षणिक प्रदर्शन को मिलेगा। यानी प्रवेश के दौरान केवल एंट्रेंस एग्जाम ही नहीं, बल्कि एकेडमिक रिकॉर्ड भी अहम भूमिका निभाएगा।