अब लंच ब्रेक के दौरान भी बच्चों के मनोरंजन की जिम्मेदारी भी स्कूलों की होगी। इसके लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT - National Council of Educational Research and Training) ने स्कूलों को एक सलाह दी है। एनसीईआरटी ने कहा है कि लंच ब्रेक्स या मिड डे मील दिए जाने के दौरान स्कूलों को बच्चों के लिए उनकी उम्र के अनुसार उचित गाने बजाने चाहिए।
एनसीईआरटी द्वारा ये दिशा-निर्देश एक सफल प्रयोग के बाद तैयार किए गए हैं। जामिया मिलिया इस्लामिया के साथ मिलकर मध्यप्रदेश के इछावर में 34 नगर निगम स्कूलों में एक साल तक अध्ययन किया गया। इसके बाद निर्णय हुआ कि इसे देशभर के स्कूलों में लागू किया जा सकता है।
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एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. ऋषिकेश सेनापति ने इस बारे में कहा कि 'इस फैसले से बच्चों का पढ़ाई की ओर रुझान बढ़ेगा। साथ ही बच्चों और शिक्षकों के बीच सामंजस्य बेहतर होगा। बच्चे अच्छे नागरिक बनने की दिशा में अग्रसर होंगे। स्कूलों में ड्रॉपआउट भी कम होंगे।