जॉइनिंग औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी
नोटिस के मुताबिक, अभ्यर्थियों को पोर्टल पर जॉइनिंग औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी, सेल्फ-अप्रेजल फॉर्म भरना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित अस्पताल जॉइनिंग रिपोर्ट (Annexure-A) अपलोड करे। इसके बाद अस्पताल को अभ्यर्थी के सेल्फ-अप्रेजल और दस्तावेजों का सावधानीपूर्वक सत्यापन कर आवंटन विवरण की पुष्टि करनी होगी। एनबीईएमएस ने स्पष्ट किया है कि सेल्फ-अप्रेजल प्रक्रिया प्रशिक्षु के पंजीकरण की पात्रता तय करने के लिए अनिवार्य है और यह संबंधित सूचना पुस्तिका में दिए गए मानदंडों के अनुसार होगी।
मान्यता प्राप्त अस्पतालों को मूल दस्तावेजों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आरक्षित श्रेणी (SC, ST, OBC, EWS) के तहत प्रवेश लेने वाले उम्मीदवारों के लिए अस्पतालों को एमसीसी दिशा-निर्देशों के अनुसार मूल और वैध जाति/श्रेणी प्रमाण पत्र का सत्यापन करना अनिवार्य होगा।
औपचारिक रूप से कार्यमुक्त होने के बाद शुरू होगा प्रशिक्षण
इन-सर्विस उम्मीदवारों के लिए एनबीईएमएस ने स्पष्ट किया है कि राज्य कोटा या सरकारी संस्थान में कार्यरत अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण तभी शुरू माना जाएगा, जब उन्हें उनकी मूल संस्था से औपचारिक रूप से कार्यमुक्त (Relieve) किया जाएगा। इससे पहले की गई कोई भी ट्रेनिंग अमान्य मानी जाएगी और उसे शून्य घोषित किया जाएगा।
सभी प्रक्रिया पूरी होने और सत्यापन के बाद उम्मीदवारों को अस्थायी पंजीकरण पत्र जारी किया जाएगा। हालांकि एनबीईएमएस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह पंजीकरण पूर्णतः अस्थायी होगा और आगे के सत्यापन पर निर्भर करेगा। यदि सेल्फ-अप्रेजल में किसी प्रकार की गलत जानकारी या भ्रामक विवरण पाया जाता है तो उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।
बोर्ड ने यह भी कहा है कि एनबीईएमएस प्रशिक्षण काउंसलिंग की रिपोर्टिंग अवधि के भीतर शुरू होना चाहिए और बिना पूर्व अनुमति के जॉइनिंग तिथि में किसी प्रकार का विस्तार स्वीकार नहीं किया जाएगा।