National Teachers Award: शिक्षक हमारे समाज की नींव होते हैं, जो न केवल ज्ञान का प्रसार करते हैं बल्कि बच्चों के भविष्य को भी आकार देते हैं। इन्हीं शिक्षकों की मेहनत और योगदान को सम्मान देने के लिए भारत सरकार हर साल नेशनल टीचर अवॉर्ड प्रदान करती है।
यह पुरस्कार उन शिक्षकों को दिया जाता है जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में विशेष कार्य किए हों और नई पीढ़ी को प्रेरित किया हो। इस अवॉर्ड की शुरुआत कई दशक पहले हुई थी, और तब से हर वर्ष 5 सितंबर शिक्षक दिवस के मौके पर चयनित शिक्षकों को राष्ट्रपति भवन में सम्मानित किया जाता है।
किन्हें दिया जाता है नेशनल टीचर अवॉर्ड?
नेशनल टीचर अवॉर्ड उन शिक्षकों को दिया जाता है जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया हो। यह पुरस्कार प्राथमिक, माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्तर के स्कूलों में पढ़ाने वाले सरकारी और निजी दोनों तरह के शिक्षकों को दिया जा सकता है।
चयन प्रक्रिया में शिक्षक की नवाचार क्षमता, छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए प्रयास, समाज और शिक्षा व्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव जैसे मापदंड देखे जाते हैं। इस पुरस्कार का मकसद शिक्षकों को प्रोत्साहित करना और उन्हें दूसरों के लिए उदाहरण बनाने के लिए प्रेरित करना है।
कब हुई इसकी शुरुआत?
नेशनल टीचर अवॉर्ड की शुरुआत साल 1958 में हुई थी। तब से हर वर्ष 5 सितंबर को, जो कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन भी है, इस अवॉर्ड को प्रदान किया जाता है। पहले यह पुरस्कार सिर्फ कुछ चुनिंदा शिक्षकों तक सीमित था, लेकिन समय के साथ इसके दायरे को बढ़ाया गया। आज यह अवॉर्ड पूरे देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के श्रेष्ठ शिक्षकों को दिया जाता है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान हो सके।