भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क 2018 के तहत इंडिया के टॉप 200 इंजीनियरिंग कॉलेजों की रैंकिंग जारी कर दी हैं। ऑल इंडिया रैंकिंग में जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट को ग्रेटर नोएडा का इकलौता ऐसा इंजीनियरिंग कॉलेज बन गया है, जिसे लगातार दो साल से टॉप 200 में रैंकिंग मिली है।
नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क 2018 में जगह बनाना किसी भी कॉलेज के लिए बेहद खास है, क्योंकि इसके लिए काफी टफ स्क्रीनिंग की जाती है, जिसके बाद किसी भी कॉलेज को रैंक दिया जाता है। स्क्रीनिंग का प्रोसेस कितना टफ है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इन टॉप 200 कॉलेजों का सलेक्शन करीब 4000 संस्थानों की स्क्रीनिंग के बाद किया गया है।
नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क 2018 के लिए आईआईटी, एनआईटी, आरईसी समेत 4000 संस्थानों की अलग-अलग कैटेगरीज में स्क्रीनिंग की गई। इस प्रोसेस में एजुकेशन, लर्निंग, ग्रेजुएशन रिजल्ट, आउटरीच, अनुसंधान, प्लेसमेंट आदि को शामिल किया गया। इन सभी पैमानों पर करीब 6 महीने तक सभी संस्थानों की स्क्रीनिंग के बाद टॉप 200 रैंकिंग जारी की गई है। इस लिस्ट में जीएल बजाज इंस्टीट्यूट को रैंकिंग मिली है।
जीएल बजाज इंस्टीट्यूट को नेशनल इंस्टीट्यूश्नल रैंकिंग फ्रेमवर्क 2017 में भी अहम स्थान मिला था। परंपरा को कायम रखते हुए 2018 में भी जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ने देश के टॉप 200 इंजीनियरिंग कॉलेजों की लिस्ट में अहम जगह बनाई है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) को 29 सितंबर 2015 को लॉन्च किया था। इसके तहत देशभर के संस्थानों को एक बेहतरीन फ्रेमवर्क के जरिए रैंक दिया जाता है। देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों में जगह बनाने पर जीएल बजाज इंस्टीट्यूट के उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने कहा कि शिक्षकों और छात्रों के लगातार प्रयास के कारण कॉलेज को बेस्ट रैंक मिला है। उन्होंने कहा कि टीम के प्रयासों के बिना यह संभव नहीं होता। पंकज अग्रवाल ने इस उपलब्धि को बड़ी जिम्मेदारी बताते हुए भविष्य में और बेहतर कार्य करने की प्रतिबद्धता भी जाहिर की।