फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Narendra Modi: तीसरे कार्यकाल में अनुसंधान, नवाचार को और बढ़ावा देने पर काम करेंगे, मोदी ने कहा

Fri, 07 Jun 2024 10:30 AM IST
कृपा अरोड़ा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

कार्यवाहक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ट्वीट किया, "पिछले दशक में, हमने शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक बदलावों पर ध्यान केंद्रित किया है। यह क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में परिलक्षित होता है। छात्रों, शिक्षकों और संस्थानों को उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए बधाई।"
विज्ञापन
पीएम मोदी (फाइल) - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कार्यवाहक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत के शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक परिवर्तन क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में परिलक्षित होते हैं और उनकी सरकार तीसरे कार्यकाल में अनुसंधान और नवाचार को और बढ़ावा देने पर काम करेगी।

विज्ञापन


"पिछले दशक में, हमने शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक बदलावों पर ध्यान केंद्रित किया है। यह क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में परिलक्षित होता है। छात्रों, शिक्षकों और संस्थानों को उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए बधाई। इस कार्यकाल में, हम ऐसा करना चाहते हैं अनुसंधान और नवाचार को और भी अधिक बढ़ावा देने के लिए,'' कार्यवाहक पीएम ने एक्स पर लिखा।

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2025 की घोषणा के अनुसार, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे और दिल्ली दुनिया के शीर्ष 150 विश्वविद्यालयों में से एक हैं, जबकि मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) ने 13वीं बार विश्व स्तर पर शीर्ष स्थान बरकरार रखा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

जहां आईआईटी बॉम्बे पिछले साल के 149वें स्थान से 31 रैंक ऊपर चढ़कर 118वें स्थान पर पहुंच गया, वहीं आईआईटी दिल्ली ने वैश्विक स्तर पर 150वां स्थान हासिल करने के लिए अपनी रैंक में 47 अंक का सुधार किया।

लंदन स्थित उच्च शिक्षा विश्लेषक, क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) द्वारा प्रकाशित प्रतिष्ठित रैंकिंग के अनुसार, दिल्ली विश्वविद्यालय अपने स्नातकों की रोजगार क्षमता के लिए खड़ा है और "रोजगार परिणामों" की श्रेणी में विश्व स्तर पर 44 वें स्थान पर है।

रैंकिंग के इस संस्करण में 46 विश्वविद्यालयों को शामिल करते हुए, भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली वैश्विक स्तर पर सातवीं और एशिया में तीसरी है, जो केवल जापान (49 विश्वविद्यालय) और चीन (मुख्यभूमि) (71 विश्वविद्यालय) से पीछे है।

क्यूएस अधिकारियों ने कहा कि 2015 में 11 की तुलना में 46 संस्थानों से, भारत ने पिछले दशक में अपना प्रतिनिधित्व 318 प्रतिशत बढ़ाया है, जो जी20 देशों के बीच सबसे अधिक वृद्धि दर्ज करता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें