Namo Kendra: नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र (नमो केंद्र) में अब प्रमुख शिक्षाविदों, विधि विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और विचारकों भी शामिल किया जाएगा। संस्था ने अपनी प्रतिष्ठित वैश्विक सलाहकार परिषद के 12 सदस्यों की दूसरी सूची जारी की है। इसका मकसद, बौद्धिक और रणनीतिक ढांचे को और अधिक सशक्त बनाना है।
नमो केंद्र के प्रबंध ट्रस्टी प्रो. जसीम मोहम्मद ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया और कहा कि ये परिषद सदस्य नमो केंद्र को अनुसंधान, जनसंवाद व राष्ट्र निर्माण के मिशन में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। वैश्विक सलाहकार परिषद उन बुद्धिजीवियों और विशेषज्ञों के लिए एक मंच है जो राष्ट्र प्रथम की भावना में विश्वास करते हैं।
नए चुने गए 12 प्रमुख सदस्य
- प्रो. टंकश्वर कुमार, कुलपति, हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय
- डॉ. राजेन्द्र धर, जिला न्यायाधीश, उपभोक्ता न्यायालय दिल्ली
- अनुबी, अधिवक्ता, ऑन रिकॉर्ड सर्वोच्च न्यायालय
- प्रो. जैतेग सिंह, प्रो-वाइस चांसलर, चितकारा विश्वविद्यालय
- प्रो. आशा भाटिया-डीन, शोध एवं डॉक्टोरल कार्यक्रम, यूनिवर्सल एआई विवि मुंबई,
- प्रो. मंजूर अहमद मीर, अध्यक्ष, जैवडॉ
- कायनात काज़ी, शोध फेलो, विकसित भारत 2047 परियोजना
इन सदस्यों की विशेषज्ञता विभिन्न क्षेत्रों में है- शिक्षा, कानून, नीति निर्माण, तकनीक और रणनीतिक अनुसंधान, जो नमो केंद्र की परियोजनाओं को सशक्त बनाने में सहायक होगी।
राष्ट्र निर्माण की दिशा में बौद्धिक सहयोग
नमो केंद्र लंबे समय से देश में सकारात्मक विमर्श और जन भागीदारी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की भावना को बढ़ावा दे रहा है। यह नई परिषद संस्थान की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के सपने के साथ जुड़ी है।