मथुरा। संस्कृति यूनिवर्सिटी के प्लेसमेंट डिपार्टमेंट ने केवल संस्थान में पढ़ रहे छात्रों का बल्कि पूर्व छात्रों को भी बड़ी कंपनियों में अच्छे पैकेज के साथ जॉब दिलाने का निश्चय किया है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने इस दिशा में कदम उठाते हुए एक सेल का गठन किया है, जो कि पूर्व छात्र-छात्राओं से संपर्क कर उनकी स्थिति का आकलन करने के बाद उनका स्वर्णिम भविष्य सुनिश्चित करेगी।
संस्कृति यूनिवर्सिटी के हेड कार्पोरेट रिलेशन आरके शर्मा का कहना है कि नए सत्र के शुभारंभ से पूर्व ही अब तक दो दर्जन से अधिक कंपनियां संपर्क कर चुकी हैं। यह कंपनियां संस्कृति यूनिवर्सिटी के अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ही नहीं पूर्व विद्यार्थियों को भी अच्छे पैकेज पर जॉब देने की इच्छुक हैं।
शर्मा का कहना है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी के जो पूर्व के छात्र छात्राएं अभी तक नौकरी नहीं हासिल कर सके हैं या अपनी जॉब से संतुष्ट नहीं हैं, ऐसे छात्र-छात्राएं यूनिवर्सिटी के प्लेसमेंट विभाग से संपर्क कर अपने सुनहरे भविष्य को सुनिश्चित कर सकते हैं।
मैनेजर कार्पोरेट तान्या उपाध्याय का कहना है कि बीते सत्र में संस्कृति यूनिवर्सिटी के लगभग सभी तकनीकी शिक्षा के छात्र-छात्राओं को उच्च पैकेज पर मल्टीनेशनल कंपनियों में जॉब के अवसर मिले हैं।
कुलाधिपति सचिन गुप्ता का कहना है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी के शैक्षिक पाठ्यक्रम में आधुनिक टेक्निक और प्रोसेस को समाहित किया गया है। संस्कृति यूनिवर्सिटी में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगामी बीस वर्षों की एक प्रभावी नीति को दृष्टिगत रखते हुए काम किया जा रहा है। यहां छात्र-छात्राओं के लिए आधुनिक तकनीकी लैब, स्किल डेवलपमेंट विभाग, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग, रोबोटिक शिक्षा, इंटर्नशिप आदि का प्रावधान है।
उपकुलाधिपति राजेश गुप्ता का कहना है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी का व्यावसायिक एजेंसियों से सीधा अनुबंध है। संस्कृति यूनिवर्सिटी ने समय के साथ चलने और इसके लिए जरूरी उपायों को करने में तत्परता एवं अभिरुचि दिखाई है। तकनीकी शिक्षा को लेकर हमारी सोच इन्हीं पहलुओं पर केंद्रित है।