मध्यप्रदेश में विद्यार्थी विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्रों पर एक घंटे पहले ही पहुंच जाएंगे। विद्यार्थी आखिरी साल और सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान थर्मल स्क्रीनिंग के लिए एक घंटे पहले ही परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित होंगे। विश्वविद्यालय यूजीसी के दिशा-निर्देशों के हिसाब से परीक्षाओं का आयोजन कराएंगे। अगर कोई विद्यार्थी किसी कारणवश परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पाता है, तो उसे उसके नजदीकी परीक्षा केंद्र में पेपर देने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए उसे दूसरे केंद्र में परीक्षा देने की वजह का उल्लेख करना होगा।
विश्वविद्यालय ने कॉलेजों से कहा है कि वे प्रत्येक परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्रों के स्वच्छता कार्य के लिए बजट बनायें। ये इसलिए कहा गया है क्योंकि कुछ शिक्षकों ने स्वच्छता के अतिरिक्त खर्च का सवाल उठाया है। हालांकि, विविधता और उच्च शिक्षा निदेशालय ( डीएचई) का मानना है कि इसके लिए कॉलेज अपने फंड से शुल्क वहन करें। एक अंग्रेजी वेबसाइट से बात करते हुए देवी अहिल्या विश्वविद्यालय परीक्षा नियंत्रक डॉ आशीष तिवारी ने कहा, हमने सभी परीक्षा केंद्रों को सुझाव दिया है कि आपातकाल के मामले में 15-20 अतिरिक्त छात्रों के लिए व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अगर कोई विद्यार्थी किसी सटीक कारण की वजह से लेट हो जाता है, तो उसको परीक्षा देने की अनुमति मिले।