केंद्रीय मंत्री भारती पवार (फाइल फोटो)
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केंद्रीय मंत्री भारती पवार ने शुक्रवार को औरंगाबाद में बताया कि केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए देश भर में 157 नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की योजना बनाई है। हालांकि, कुछ राज्यों में जमीन आवंटन की समस्या के कारण इन योजनाओं के क्रियान्वयन में समस्या सामने आ रही है। भारती पवार ने बताया कि इन मेडिकल कॉलेज को शुरू करने में पिछड़े जिलों को प्राथमिता दी जाएगी, ताकि वहां स्वास्थ्य व्यवस्था का बुनियादी ढ़ांचा दुरुस्त हो सके।
मंत्री ने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने मेडिकल कॉलेजों को शुरू करने के लिए पिछड़े हुए जिलों को प्राथमिकता में रखा है। हमने 157 मेडिकल कॉलेजों का निर्माण करने का फैसला किया है। सरकार ने एम्स की संख्या को 6 से बढ़ाकर 22 कर दिया है। यह योजनाए समय सीमा में पूरी होनी चाहिए। लेकिन कई राज्यों में इसमे समस्या आ रही है। कहीं जमीन आवंटन में दिक्कत है तो कहीं पर योजना एक या दो साल से अटकी पड़ी है। हालांकि, यह समस्या महाराष्ट्र में नहीं है, जिससे कोरोना की तीसरी लहर को काबू में किया जा सके।
भारती पवार ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से व्यवस्था और फंड दोनों ही जारी किए जा रहे हैं, लेकिन कोई समस्या आ जाती है। केंद्र सरकार ने कोविड आपात राहत योजना के दूसरे फेज में 23 हदार करोड़ का फंड जारी किया है। इस फंड में महाराष्ट्र को भी काफी अच्छा भाग मिला है। मंत्री ने कहा कि जरूरत को देखते हुए मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन को भी प्राथमिकता दी गई है।