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अब कॉलेज तय नहीं कर सकेंगे मेडिकल-इंजीनियरिंग की फीस, ये है सरकार की तैयारी

Fri, 18 Oct 2019 08:26 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

  • सत्र 2020 से मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं, सरकार तय करेगी फीस
  • केंद्र सरकार की कमेटी ने पहला डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी फीस रेगुलेशन बनाया
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज शैक्षणिक सत्र 2020-21 से मनमानी फीस नहीं वसूल पाएंगे। कॉलेजों की मनमानी फीस पर लगाम कसने के लिए सरकार इसी हफ्ते फीस कमेटी गठित करने जा रही है। 

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वहीं केंद्र सरकार की मेडिकल डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी कॉलेजों की फीस निर्धारण कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में फीस कमेटी बनाने की सिफारिश की है। कमेटी ने सभी 126 डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी की फीस पर लगाम कसने वाला पहला डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी फीस रेगुलेशन भी बना दिया है।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मद्रास हाईकोर्ट ने मेडिकल डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी की फीस पर लगाम लगाने संबंधी आदेश सरकार को दिया था। इसी के तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने मेडिकल डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी की फीस पर लगाम लगाने संबंधी कमेटी गठित की थी। 
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कमेटी ने इसी हफ्ते सरकार को अपनी रिपोर्ट दी है। कमेटी ने डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी में मेडिकल के साथ-साथ इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट समेत सभी प्रोफेशनल संस्थानों को भी शामिल कर लिया है। इसमें सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी भी शामिल हैं। यह नियम सभी प्रकार की 126 डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी पर लागू होगा।

फीस कमेटी तय करेगी मानदंड

वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, कमेटी फीस तय करने संबंधी सभी मानदंड बनाएगी। इसी कमेटी की सिफारिशों को अगले शैक्षणिक सत्र में लागू किया जाना है।

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इसी हफ्ते लोगों से ली जाएगी राय

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग इसी हफ्ते कमेटी द्वारा तैयार पहले डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी फीस रेगुलशन को पब्लिक डोमेन में डालेगा। यूजीसी वेबसाइट समेत अन्य सरकारी डोमेन पर फीस रेगुलेशन उपलब्ध होगा। इसमें छात्रों, अभिभावकों, शिक्षाविद्, संस्थानों समेत आम लोग अपने सुझाव दे सकते हैं। इन सुझावों के आधार पर फीस रेगुलेशन में बदलाव किया जाएगा।

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