फांसी लगाने से पहले छोटे भाई को भेजा वॉयस नोट
फांसी लगाने से पहले उसने अपने छोटे भाई को एक ऑडियो संदेश भेजा, जिसमें उसने अपने पिता से अनुरोध किया कि वे अपनी जमीन न बेचें। उसने अपने भाई से यह भी कहा कि वह डॉक्टर बन जाए लेकिन असम में ही रहे। पुलिस के अनुसार, उसके कमरे से मिले नोट में मिश्रा ने कहा कि उसकी मौत के लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं है।
10 दिन छुट्टी के बाद घर से लौटा था छात्र
गुरुवार को छात्र की द्वितीय वर्ष की परीक्षा शुरू होनी थी और मंगलवार को वह 10 दिन की छुट्टी के बाद घर से कैंपस लौटा था। इस बार रत्नेश के पिता भी उसके साथ भुवनेश्वर वापस आए थे। मिश्रा को बुधवार को अपने पिता के साथ पुरी जाना था। पिता कैंपस के बाहर एक होटल में ठहरे हुए थे।
पिता ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने सुबह मिश्रा से बात की थी, लेकिन बाद में उनके मोबाइल पर संपर्क नहीं हो सका। जब बार-बार कॉल का जवाब नहीं मिला, तो वे हॉस्टल पहुंचे और पाया कि दरवाजा अंदर से बंद है। बार-बार दरवाजा पीटने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर पिता कुछ छात्रों के साथ कमरे में घुसे और मिश्रा का शव पाया।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने बताया कि मिश्रा को तुरंत अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। एम्स-भुवनेश्वर के निदेशक आशुतोष बिस्वास ने बाद में दिन में छात्रावास के कमरे का दौरा किया। पुलिस ने बताया कि खंडगिरी पुलिस थाने में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।