विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर पीके दशोरा ने पूरे विश्वविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए बताया कि अक्तूबर 2022 में सेल्फ एसेसमेंट रिपोर्ट (एसएसआर) नैक में सबमिट की गई थी। कुलपति सभागार में हुई बैठक में कुलपति ने कहा कि हम आगे भी शिक्षकों व विद्यार्थियों को और बेहतर सुविधाएं व संसाधन देने का प्रयास करने के लिए प्रयत्नरत रहेंगे। अब कोशिश यही रहेगी कि हम निरंतर मेहनत करके और बेहतर ग्रेड लाएं। शिक्षण और अनुसंधान में और बेहतर कार्य करते हुए छात्रों की काउंसलिंग की जिम्मेदारी हमारी है।
वहीं, कुलसचिव ब्रिगेडियर समरवीर सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में रहकर कार्य करना हमारे लिए बड़ी चुनौती थी, लेकिन सामूहिक प्रयास से हमें उपलब्धि प्राप्त हुई और नैक से ए प्लस ग्रेड मिला है। हम भविष्य की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए नए मुकाम A++ ग्रेड भी प्राप्त करेंगे। परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर दिनेश शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं से वंचित विद्यार्थियों के लिए बड़ा विकल्प बनकर उभरा है।
उन्होंने बताया कि जल्द ही विश्वविद्यालय में ऑनलाइन व डिस्टेंस एजुकेशन पर काम शुरू करेंगे। इस अवसर पर प्रो. वाईपी सिंह, प्रशासनिक अधिकारी गोपाल राजपूत, प्रो राजीव शर्मा, प्रो अशोक पुरोहित, प्रो अंकुर अग्रवाल, प्रो सिद्धार्थ जैन, डॉ संतोष गौतम, डॉ नियति शर्मा, डॉ सोनी सिंह, लव मित्तल, तरुन शर्मा, मयंक सिंह आदि उपस्थित थे।
क्या है नैक ग्रेडिंग?
नैक मूल्यांकन किसी भी विश्वविद्यालय की गुणवत्ता जांचने के लिए होता है। संस्थान द्वारा नैक ग्रेडिंग के लिए आवेदन करना होता है, आवेदन करने के बाद नैक टीम संस्थान का निरीक्षण करती है। टीम शैक्षणिक सुविधाएं, अनुसंधान, इंफ्रास्ट्रक्चर आदि व्यवस्थाओं के आधार पर रिपोर्ट तैयार करती है। इसी के आधार पर ग्रेड दिया जाता है। इसका काम देशभर के विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों, निजी संस्थानों में गुणवत्ता को परखना और उनको रेटिंग देना है। नैक ग्रेडिंग से विद्यार्थियों को संस्थान का चयन करने में शिक्षा की व्यवस्था, अनुसंधान, बुनियादी ढांचे के लिए बेहतर विकल्प की सुविेधा मिलती है।