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8 APRIL: आज ही के दिन दी गई थी मंगल पांडे को फांसी, स्टेटिक जीके में अक्सर पूछा जाता है आठ अप्रैल का कनेक्शन

Tue, 08 Apr 2025 11:27 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

8 April History: अप्रैल, भारतीय इतिहास की वह तारीख है जो हर उस विद्यार्थी के लिए खास है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। मंगल पांडे, जिनकी बगावत ने 1857 की पहली स्वतंत्रता क्रांति की नींव रखी, उन्हें आज ही के दिन फांसी दी गई थी। विस्तृत विवरण नीचे पढ़ें।
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मंगल पांडे - फोटो : PTI
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विस्तार
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8 April: 8 अप्रैल, भारतीय इतिहास की एक ऐसी तारीख है जो हर उस छात्र के लिए जरूरी हो जाती है, जो किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। यह दिन सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की पहली चिंगारी का प्रतीक है। मंगल पांडे, जिनकी बहादुरी और बलिदान ने 1857 की क्रांति की नींव रखी, उन्हें आज ही के दिन यानी 8 अप्रैल 1857 को फांसी दी गई थी।

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उनकी कहानी सिर्फ इतिहास की किताबों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आज भी यूपीएससी (UPSC), एसएससी (SSC) रेलवे, बैंकिंग और राज्य स्तरीय परीक्षाओं में पूछे जाने वाले सवालों में उनका जिक्र होता है। चाहे वह उनके द्वारा चलाई गई पहली गोली हो या फांसी की तारीख- 8 अप्रैल हमेशा स्टेटिक जीके के लिए एक 'हॉट टॉपिक' बना रहता है।

आजादी की पहली चिंगारी

मंगल पांडे का नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के पहले क्रांतिकारी के रूप में जाना जाता है। वे ईस्ट इंडिया कंपनी की 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री के सिपाही थे। 1857 में अंग्रेजों द्वारा लाई गई एनफील्ड राइफल के कारतूसों में गाय और सूअर की चर्बी के इस्तेमाल से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। इसका विरोध करते हुए मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को बैरकपुर छावनी में एक अंग्रेज अफसर पर हमला कर दिया। इस बगावत को भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ पहले सशस्त्र विद्रोह की शुरुआत माना जाता है।

8 अप्रैल 1857 को जब फांसी दी गई

मंगल पांडे को विद्रोह करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया और उन पर कोर्ट मार्शल चलाया गया। उन्हें पहले 18 अप्रैल को फांसी देने की तारीख तय हुई थी, लेकिन अंग्रेज सरकार को डर था कि उनके समर्थन में और बगावत न हो जाए, इसलिए उन्हें निर्धारित समय से 10 दिन पहले ही, 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई।

बैरकपुर में दी गई यह फांसी, ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ गुस्से और विद्रोह की लहर को और तेज कर गई। आज ही के दिन 8 अप्रैल को भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने दिल्ली की सेंट्रल असेंबली हॉल में बम फेंका। बम विस्फोट में कोई हताहत नहीं हुआ, क्योंकि क्रांतिकारियों का मकसद सिर्फ ब्रिटिश सरकार को चेतावनी देना और आजादी की आवाज को बुलंद करना था।  

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देश और दुनिया के इतिहास में 8 अप्रैल की तारीख कई अहम घटनाओं की गवाह रही है। आइए नजर डालते हैं उन प्रमुख घटनाओं पर जो इस दिन को खास बनाती हैं।
 

भारतीय इतिहास से जुड़े प्रमुख घटनाक्रम

  • 1857: बैरकपुर रेजीमेंट के सिपाही मंगल पांडे को फांसी दी गई। उन्हें 1857 की पहली क्रांति का अग्रदूत माना जाता है।
  • 1894: "वंदे मातरम्" के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का निधन हुआ। यह गीत भारत के राष्ट्रगीत का दर्जा पा चुका है।
  • 1929: भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने दिल्ली के सेंट्रल असेंबली हॉल में बम फेंककर ब्रिटिश सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण विद्रोह किया और आत्मसमर्पण कर दिया।
  • 1950: लियाकत-नेहरू समझौता भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ, जिसका उद्देश्य दोनों देशों में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
  • 1973: महान स्पेनिश चित्रकार पाब्लो पिकासो का निधन। उन्हें 20वीं सदी के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में गिना जाता है।
  • 2013: ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर का निधन। वह यूरोप की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं।
  • 2020: भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 5,700 के पार पहुंचे। पीएम नरेंद्र मोदी ने स्थिति को "सामाजिक आपातकाल" जैसा बताया।
  • 2023: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तेजपुर (असम) से सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी, यह किसी राष्ट्रपति द्वारा किया गया दुर्लभ कारनामा है।
  • 2024: मालदीव की निलंबित मंत्री मरियम शिउना ने सार्वजनिक रूप से भारतीय तिरंगे का अपमान किया, बाद में माफी मांगी। यह घटना भारत-मालदीव संबंधों में तनाव का कारण बनी।
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