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NMC: फीस और स्टाइपेंड नहीं होगा झोल, मेडिकल कॉलेजों को सार्वजनिक करनी होगी जानकारी; एनएमसी ने दिए सख्त निर्देश

Mon, 14 Jul 2025 07:10 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

NMC: मेडिकल शिक्षा को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए एनएमसी ने देश के सभी मेडिकल शिक्षण संस्थानों को अपनी फीस और स्टाइपेंड की जानकारी सार्वजनिक करने का आदेश दिया है। नियम न मानने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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NMC: एनएमसी ने छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए मेडिकल शिक्षा को और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने देशभर के सभी सरकारी, निजी और डीम्ड विश्वविद्यालयों को आदेश दिया है कि वे अपने संस्थानों की कोर्सवार फीस और इंटर्न, जूनियर रेजिडेंट (JR) और सीनियर रेजिडेंट (SR) को दिए जाने वाले स्टाइपेंड की पूरी जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करें। जानकारी सार्वजनिक होने से पारदर्शिता बढ़ेगी।

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पालन नहीं करने पर होगी सख्त कार्रवाई

एनएमसी ने कॉलेजों को चेतावनी देते हुए कहा है बिना स्वीकृति लिए कोई भी छिपी हुई या अतिरिक्त फीस लेना अनाधिकृत माना जाएगा। ऐसा करने वाले संस्थानों पर शो-कॉज नोटिस, जुर्माना, एडमिशन पर रोक और कोर्स की मान्यता रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

इस कदम का उद्देश्य न केवल शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाना है, बल्कि छात्रों को छिपी हुई फीस और शोषणकारी इंटर्नशिप शर्तों से भी बचाना है। गौरतलब है कि 2020 में गठित एनएमसी भारत में मेडिकल शिक्षा और मेडिकल प्रैक्टिस का शीर्ष नियामक निकाय है। इसका काम शिक्षा के मानक तय करना, कॉलेजों और डॉक्टरों की निगरानी करना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य जरूरतों के अनुसार सुझाव देना है।
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सात दिनों के भीतर देनी होगी जानकारी

एनएमसी ने साफ किया है कि सभी संस्थानों को नोटिस जारी होने की तारीख से 7 दिनों के भीतर अपनी फीस और स्टाइपेंड की जानकारी गूगल फॉर्म के जरिए जमा करनी होगी, ताकि सभी छात्रों और अभिभावकों को स्पष्ट जानकारी उपलब्ध हो सके।

सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी चिंता

यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने दो अलग-अलग फैसलों में मेडिकल कॉलेजों द्वारा फीस छिपाने और इंटर्नशिप में स्टाइपेंड न देने को लेकर चिंता जाहिर की थी। 
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