फडणवीस ने क्या कहा?
नागपुर में वार्ता के दौरान फडणवीस ने कहा, "सबको पता है कि बीजेपी नेता राम नाइक ने बॉम्बे का नाम मुंबई करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई थी। हम हमेशा 'मुंबई' कहते हैं, 'बॉम्बे' नहीं। हम लगातार प्रयास कर रहे हैं कि जहां भी 'बॉम्बे' शब्द है, उसे 'मुंबई' से बदल दिया जाए। मैं पीएम और HRD मंत्री को आईआईटी बॉम्बे का नाम बदलकर आईआईटी मुंबई करने के लिए पत्र लिखूंगा।"
राज ठाकरे का तीखा बयान
राज ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि मुंबई हमेशा मराठी लोगों की रही है। अब फिर से कोशिश हो रही है कि शहर को महाराष्ट्र से अलग किया जाए। मुंबई का नाम 'मुंबई' उन्हें इसलिए चुभता है क्योंकि यह मुम्बादेवी के नाम पर है। पहले मुंबई, फिर पूरा MMR क्षेत्र गुजरात से जोड़ा जाएगा, मराठी लोग सतर्क हो जाएं।
आईआईटी के बाहर लगा ‘IIT Mumbai’ का बैनर
बुधवार को MNS कार्यकर्ताओं ने IIT Bombay के बाहर एक बैनर लगाकर संस्था को प्रतीकात्मक रूप से “IIT Mumbai” नाम दे दिया।
बीजेपी नेता किरीट सोमैया का भी समर्थन
पूर्व बीजेपी सांसद किरिट सुमैया ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही केंद्र को प्रस्ताव भेजेगी। उन्होंने यह भी कहा कि “हम चाहते हैं कि बॉम्बे हाई कोर्ट का नाम भी बदलकर मुंबई हाई कोर्ट किया जाए।”
मुंबई नाम कब अपनाया गया?
शहर का आधिकारिक नाम 1995 में बॉम्बे से मुंबई किया गया था। यह परिवर्तन स्थानीय देवी मुम्बादेवी के सम्मान में किया गया था। इसका उद्देश्य औपनिवेशिक प्रभाव खत्म करना और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देना था।