आदिवासी क्षेत्र से विश्वस्तरीय शिक्षा की मिसाल
जेडपी स्कूल जलिंदरनगर को अपने विषय मित्र प्रणाली के साथ गुणवत्तापूर्ण छात्र-नेतृत्व वाली शिक्षा प्रदान करके सार्वजनिक-स्कूल शिक्षा में क्रांति लाने के लिए मान्यता दी गई है, जो एक सहकर्मी-शिक्षण मॉडल है जहां विभिन्न आयु के छात्र एक-दूसरे को पढ़ाते और सीखते हैं।
आदिवासी महाराष्ट्र के इस स्कूल के शिक्षक दत्तात्रेय वारे ने कहा कि उन्हें इस बात पर "गहरा सम्मान" महसूस हो रहा है कि स्कूल को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है।
वारे ने कहा, "2022 में, जलिंदरनगर स्कूल, एक सुदूर आदिवासी स्कूल, में केवल तीन छात्र थे और यह बंद होने के कगार पर था। केवल दो वर्षों में, इसने विश्व स्तरीय मानक तक एक उल्लेखनीय परिवर्तन देखा है।"
50 स्कूलों में सबसे आगे, जलिंदरनगर स्कूल सम्मानित
उन्होंने कहा, "यह बदलाव न केवल बुनियादी ढांचे में, बल्कि शैक्षणिक स्तर पर भी था। यह अंत नहीं, बल्कि हमारी शिक्षा प्रणाली में एक बड़े बदलाव की शुरुआत है।"
जेडपी स्कूल जलिंदरनगर को एक सार्वजनिक वोट में विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल पुरस्कारों की पांच श्रेणियों में चुने गए सभी 50 स्कूलों में से सबसे अधिक वोट मिलने के बाद सामुदायिक विकल्प पुरस्कार के लिए चुना गया।
यह पुरस्कार इसके महत्वपूर्ण सामुदायिक प्रभाव को उजागर करता है, जिसमें कुशल समुदाय के सदस्य और अभिभावक इलेक्ट्रॉनिक्स, बढ़ईगीरी, प्लंबिंग, भाषाएं और विज्ञान कौशल सिखाने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं।
स्कूल और समुदाय की साझेदारी से उभरते भविष्य के नेता
समुदाय ने स्कूल के बुनियादी ढांचे के संरक्षक के रूप में भी कदम बढ़ाया है, तथा स्कूल और उसके उद्यानों के पुनर्निर्माण और रखरखाव के लिए स्वयंसेवा की है, जिससे यह स्थान आत्म-स्वामित्व और सामूहिक गौरव में निहित हो गया है।
टी4 एजुकेशन और वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल प्राइज के संस्थापक विकास पोटा ने कहा, "हमारी दुनिया एक चौराहे पर खड़ी है। हमें ऐसे नेताओं की जरूरत है जो 21वीं सदी की सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना कर सकें, चाहे वह जलवायु परिवर्तन हो या कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्रांति, युद्ध हो या अभाव, लोकलुभावनवाद हो या पूर्वाग्रह।"
"ऐसे स्कूलों में ही दुनिया भर के नेता अपनी जरूरतों के जवाब पा सकते हैं... उनका अग्रणी कार्य दुनिया भर के शिक्षकों और नीति निर्माताओं को प्रेरित करेगा।"