Maharashtra NEET UG Counselling 2026
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महाराष्ट्र में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातक (नीट यूजी) 2026 के जरिए चिकित्सा पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया के बीच 300 एमबीबीएस सीटों का मामला लंबित है। राज्य के दो नए मेडिकल कॉलेज अभी तक केंद्रीयकृत प्रवेश प्रक्रिया 2026 में शामिल नहीं हुए हैं। इसके अलावा, दो पुराने मेडिकल कॉलेजों में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग की ओर से स्वीकृत अतिरिक्त सीटें भी राज्य की सीट सूची में शामिल नहीं की गई हैं। इन संस्थानों के अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय से संबद्धता मिलने का इंतजार है। मंजूरी मिलने के बाद ही इन सीटों पर दाखिले का रास्ता साफ हो सकेगा।
किन दो नए मेडिकल कॉलेजों में हैं सीटें?
राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग की शैक्षणिक सत्र 2026-27 की एमबीबीएस सीट सूची में दो नए संस्थानों का नाम दर्ज है। इनमें बुलढाणा का मौली मेडिकल कॉलेज अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र और पालघर का आइडियल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस शामिल हैं। मौली मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटें, जबकि आइडियल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में 50 सीटें निर्धारित हैं। इन दोनों संस्थानों के शामिल होने से महाराष्ट्र में चिकित्सा की पढ़ाई के लिए 150 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हो सकती हैं। हालांकि, इन सीटों पर दाखिले के लिए जरूरी सरकारी मंजूरी और विश्वविद्यालय की संबद्धता मिलना अभी बाकी है।
पुराने कॉलेजों की कितनी सीटें बढ़ीं?
दो मौजूदा मेडिकल कॉलेजों की सीटों में भी बढ़ोतरी की गई है। पुणे स्थित एसएमटी काशीबाई नवले मेडिकल कॉलेज को 50 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों की मंजूरी मिली है। वहीं, कोपरगांव स्थित एसएमटी सखुबाई नारायणराव कटके मेडिकल कॉलेज को 100 अतिरिक्त सीटें स्वीकृत की गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दोनों संस्थानों में एमबीबीएस की कुल प्रवेश क्षमता 150-150 सीटें हो गई है। इन दोनों कॉलेजों की कुल 150 अतिरिक्त सीटें भी राज्य की प्रवेश प्रक्रिया की सीट सूची में शामिल होने की प्रतीक्षा कर रही हैं। इस तरह नए और पुराने कॉलेजों को मिलाकर 300 सीटें लंबित हैं।
दाखिले की प्रक्रिया में देरी क्यों हो रही है?
महाराष्ट्र राज्य साझा प्रवेश परीक्षा प्रकोष्ठ ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीयकृत प्रवेश प्रक्रिया में उन्हीं मेडिकल कॉलेजों को शामिल किया जा सकता है, जिन्हें सरकार का शासन निर्णय और संबंधित विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त हो। 17 अक्टूबर को ईमेल के जरिए दिए गए जवाब में प्रकोष्ठ ने कहा कि जरूरी अनुमतियां मिलने के बाद ही दोनों नए कॉलेज प्रवेश प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। कॉलेज अधिकारियों के मुताबिक, निरीक्षण के बाद महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय ने शिक्षकों से संबंधित कुछ सवाल उठाए थे। फिलहाल संस्थान संबद्धता मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हालांकि, इस साल की प्रक्रिया में इन्हें शामिल किया जाएगा या अगले शैक्षणिक सत्र में, यह स्पष्ट नहीं है।
छात्रों को सीटों के बारे में क्या जानना चाहिए?
महाराष्ट्र में राज्य स्तरीय नीट यूजी स्ट्रे वैकेंसी राउंड शुरू हो चुका है। ऐसे में लंबित 300 सीटें उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती हैं, जो एमबीबीएस में प्रवेश पाने की उम्मीद कर रहे हैं। मिशन अवेयरनेस फाउंडेशन के अध्यक्ष अब्दुर रहमान खान ने 17 अक्टूबर को राज्य प्रवेश परीक्षा प्रकोष्ठ और चिकित्सा शिक्षा एवं औषधि विभाग से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा था। उन्होंने पूछा था कि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग की मंजूरी मिलने के बावजूद दोनों नए कॉलेज प्रवेश प्रक्रिया में क्यों शामिल नहीं हुए। विद्यार्थियों को सलाह है कि वे आधिकारिक सूचनाओं और संशोधित सीट सूची पर नजर रखें। फिलहाल इन सीटों पर दाखिले की पुष्टि नहीं हुई है।