Maharashtra NEET PG Counselling 2026
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महाराष्ट्र सरकार ने स्नातकोत्तर मेडिकल और डेंटल पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब संस्थान स्तर पर दाखिले का अलग चरण समाप्त कर दिया गया है। संस्थागत कोटे और अनिवासी भारतीय यानी एनआरआई कोटे की सीटों सहित सभी प्रवेश राज्य के साझा प्रवेश परीक्षा प्रकोष्ठ की केंद्रीकृत ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से होंगे। महाराष्ट्र सरकार ने पांच अक्तूबर 2026 को व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थान (प्रवेश विनियमन) नियम, 2026 अधिसूचित किए। ये नियम पूर्णकालिक स्नातकोत्तर मेडिकल और डेंटल पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में प्रवेश पर लागू होंगे। इसका उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।
नए नियमों का उद्देश्य क्या है?
महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ के अनुसार, नए नियमों का उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और दाखिलों में गुणवत्ता को प्राथमिकता देना है। उन्होंने विद्यार्थियों से संशोधित नियमों की जानकारी लेने और उसी के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया में भाग लेने का आग्रह किया। नए प्रावधानों के तहत खाली रह गई सीटों को भरने के लिए होने वाले स्ट्रे वैकेंसी राउंड भी महाराष्ट्र राज्य साझा प्रवेश परीक्षा प्रकोष्ठ द्वारा ऑनलाइन आयोजित किए जाएंगे। इससे प्रवेश प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों को एक व्यवस्था के अंतर्गत लाने में मदद मिलेगी। उम्मीदवारों को काउंसलिंग से संबंधित सूचनाओं और आधिकारिक निर्देशों पर नजर रखनी चाहिए।
संस्थागत कोटे में किसे मिलेगा मौका?
संशोधित नियमों में निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की संस्थागत कोटे वाली सीटों के लिए पात्रता का दायरा बढ़ाया गया है। अब महाराष्ट्र का मूल निवास प्रमाणपत्र रखने वाले उम्मीदवार संस्थागत कोटे की सीटों के लिए पात्र हो सकते हैं, भले ही उन्होंने अपनी अर्हक डिग्री राज्य से बाहर के किसी संस्थान से प्राप्त की हो। इसके अलावा, महाराष्ट्र के बाहर के उम्मीदवार और विदेशी मेडिकल डिग्री धारक भी निजी कॉलेजों में इन सीटों के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, सभी उम्मीदवारों को निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। आवेदन करने से पहले संबंधित नियमों और अपने दस्तावेजों की जांच करना जरूरी है।
पात्रता तय करने की अंतिम तारीख क्या होगी?
महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश के लिए पात्रता निर्धारित करने में पंजीकरण की अंतिम तारीख को कटऑफ माना जाएगा। यानी उम्मीदवार को उस तारीख तक निर्धारित सभी पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। यदि कोई अभ्यर्थी पंजीकरण की अंतिम तारीख तक आवश्यक योग्यता हासिल नहीं कर पाता है, तो उसे उस शैक्षणिक वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया के लिए अपात्र घोषित किया जा सकता है। पंजीकरण की अंतिम तारीख के बाद हासिल की गई पात्रता उसी प्रवेश चक्र में मान्य नहीं होगी। इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले अपनी शैक्षणिक योग्यता, आवश्यक प्रमाणपत्र और अन्य शर्तों की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
नीट पीजी उम्मीदवारों को अब क्या करना चाहिए?
महाराष्ट्र नीट पीजी काउंसलिंग 2026 में भाग लेने वाले उम्मीदवारों को नए नियमों के अनुसार अपनी तैयारी करनी चाहिए। उन्हें पंजीकरण की अंतिम तारीख से पहले आवश्यक पात्रता पूरी करने के साथ सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। संस्थागत कोटे और एनआरआई कोटे की सीटों के लिए भी अब केंद्रीकृत ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया का पालन करना होगा। खाली सीटों के लिए होने वाले स्ट्रे वैकेंसी राउंड में भी ऑनलाइन व्यवस्था लागू रहेगी। उम्मीदवारों को महाराष्ट्र राज्य साझा प्रवेश परीक्षा प्रकोष्ठ की आधिकारिक सूचनाएं नियमित रूप से देखनी चाहिए। आवेदन की तारीख, काउंसलिंग कार्यक्रम, सीट आवंटन और अन्य शर्तों की पुष्टि आधिकारिक अधिसूचना से करना जरूरी है।