यह है पूरा मामला
पुलिस कांस्टेबल की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी होने के बाद ट्रांसजेंडर आर्य पुजारी ने ऑनलाइन आवेदन करने की कोशिश की। हालांकि आवेदन में केवल दो लिंग पुरुष और महिला का उल्लेख किया गया था और तीसरे लिंग का उल्लेख नहीं किया गया था, जिसके कारण पुजारी ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर सके। इसके बाद एमएटी ने 14 नवंबर को राज्य सरकार को गृह विभाग के तहत सभी भर्तियों के लिए आवेदन पत्र में पुरुष और महिला के दो विकल्पों के बाद ट्रांसजेंडरों के लिए तीसरा विकल्प बनाने का निर्देश दिया था। दरअसल पुलिस कांस्टेबल बनने की इच्छा रखने वाले ट्रांसजेंडर आर्य पुजारी ने महाराष्ट्र प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (एमएटी) से संपर्क किया था।