कितने पढ़े-लिखे थे?
उन्होंने अपने एक साक्षात्कार में कहा है, कि वे दसवीं कक्षा में एक विषय में अनुत्तीर्ण हुए थे, लेकिन अगले वर्ष उस विषय की परीक्षा देकर पास हो गए। वे खुद को पढ़ाई में बहुत अच्छा नहीं मानते थे और शिक्षा में उन्होंने कुछ समय के लिए अंतराल भी लिया।
उन्होंने आगे कहा, "मैंने बी.कॉम की पढ़ाई की... लेकिन मैं बी.कॉम का छात्र नहीं बन पाया। मेरा एक सेमेस्टर बाकी है। एक सेमेस्टर के बाद आप बी.कॉम की परीक्षा नहीं दे सकते। फिर आपको 12वीं की परीक्षा देनी होगी।" इसी कारण वे अपने आप को हमेशा 12वीं पास ही बताते थे। छात्र जीवन से ही उनका झुकाव सामाजिक और सार्वजनिक कार्यों की ओर था, जिसने उन्हें आगे चलकर सक्रिय राजनीति में कदम रखने के लिए प्रेरित किया।