लॉकडाउन की अवधि बढ़ने की वजह से महाराष्ट्र में एचएससी और एसएससी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि मूल्यांकन के कार्य में देरी के साथ ही रिजल्ट में भी देरी हो सकती है। महाराष्ट्र शिक्षा विभाग का कहना है कि उनके पास ऐसा कोई साधन नहीं है कि कॉपियों को मूल्यांकन के लिए परीक्षकों के पास भेजा जाए। लॉकडाउन की वजह से सूबे में परिवहन व्यवस्था बाधित है और ऐसे में न ही शिक्षकों के पास स्कूल पहुंचने और न ही कॉपियों को अपने घर ले जाकर उनका मूल्यांकन करने का कोई विकल्प है।
शिक्षा विभाग का मानना है कि ऐसे में कॉपियों के मूल्यांकन का कार्य अब लॉकडाउन खुलने के बाद ही शुरू किया जा सकता है। शिक्षा विभाग का कहना है कि कॉपियों का मूल्यांकन कार्य जारी रखने के लिए विभाग ने एचएससी और एसएससी परीक्षकों को कॉपियां घर ले जाने की अनुमति दी थी, लेकिन सार्वजनिक परिवहन सेवाएं निलंबित होने की वजह से शिक्षकों के पास ऐसा कोई विकल्प नहीं बचा कि वो कॉपियों को अपने घर ले जा सकें।
मूल्यांकन के लिए शिक्षकों के पास कॉपियां नहीं पहुंची हैं। ऐसे में मूल्यांकन का कार्य लॉकडाउन खुलने के बाद ही हो सकता है। महाराष्ट्र में 14 अप्रैल से कॉपियों के मूल्यांकन कार्य के शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही थी लेकिन लॉकडाउन बढ़ने की वजह से यह स्थगित हो गया।