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नीट यूजी परिणाम पर रोक: 'परीक्षा के दौरान बिजली गुल, कक्ष में पानी'; हाईकोर्ट ने सुनी फरियाद, रिजल्ट रोका

Sat, 17 May 2025 07:46 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Madras High Court On NEET UG Result: चेन्नई में नीट यूजीो परीक्षा के दौरान बिजली कटौती से प्रभावित छात्रों की याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट ने नीट-यूजी 2025 के परिणाम पर अस्थायी रोक लगाई। छात्रों ने दावा किया कि बिजली कट जाने की वजह से उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा था।।
 
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Stay On NEET UG Result - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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Stay On NEET UG Result: मद्रास उच्च न्यायालय ने नीट यूजी 2025 के परिणाम घोषित करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश उन कई छात्रों की याचिका पर दिया गया है, जिन्हें परीक्षा केंद्र पर बिजली कट जाने की वजह से गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा था। न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान यह अंतरिम रोक लगाई और अगली सुनवाई की तारीख 2 जून 2025 तय की है।

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परीक्षा के दौरान केंद्र पर चली गई थी बिजली 

छात्रों का कहना है कि 4 मई 2025 को परीक्षा के दौरान चेन्नई के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय सीआरपीएफ-अवाडी परीक्षा केंद्र पर दोपहर 3:00 बजे से 4:15 बजे तक बिजली नहीं थी। उस दिन तेज बारिश और आंधी के कारण पूरे केंद्र की बिजली चली गई और वहां कोई वैकल्पिक व्यवस्था जैसे जनरेटर या इन्वर्टर भी उपलब्ध नहीं थे।

'कक्षा में पानी घुस गया, कम रोशनी में परीक्षा देने को थे मजबूर': छात्र

13 छात्रों द्वारा दायर शपथपत्र में कहा गया है कि वे कम रोशनी में परीक्षा देने को मजबूर थे, ऊपर से पानी परीक्षा कक्ष में घुस गया, जिससे उन्हें अपनी निर्धारित सीटें छोड़कर इधर-उधर बैठना पड़ा। 

इतनी गड़बड़ी के बावजूद नहीं मिला अतिरिक्त समय

छात्रों का आरोप है कि इतनी बड़ी गड़बड़ी के बावजूद उन्हें कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया गया, जिससे वे परीक्षा पूरी नहीं कर पाए। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि उन्हें अन्य परीक्षा केंद्रों के छात्रों की तुलना में बहुत ही असमान परिस्थितियों में परीक्षा देनी पड़ी, जो कि संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि उनके जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार (अनुच्छेद 21) का भी हनन हुआ है।

याचिका में कहा गया, "नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करना आवश्यक है, लेकिन याचिकाकर्ताओं के साथ यह मौका नहीं दिया गया।"
 
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शिकायत दर्ज की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली: छात्र

छात्रों ने बताया कि उन्होंने 4 मई को ही इस मुद्दे की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी थी, और उसके बाद भी कई बार संपर्क किया, लेकिन किसी ने अब तक उनकी शिकायतों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
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