कन्हैया का जन्म 1987 में बिहार के बेगूसराय जिले के बिहट (बरौनी के पास) गांव में हुआ था। पिता जयशंकर सिंह को पैरालिसिस है और मां मीना देवी एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। उनका एक बड़े भाई मणिकांत हैं, जो असम में एक कंपनी में पर्यवेक्षक के रूप में काम कर रहें हैं।
शिक्षाः
कन्हैया कुमार की शुरुआती शिक्षा बरौनी के RKC हाई स्कूल से हुई है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कन्हैया अपने स्कूल के दिनों में अभिनय में रुचि रखते थे और वे इंडियन पीपल्स थियेटर एसोसिएशन के सदस्य भी थे।
वर्ष 2002 में कन्हैया ने पटना के कॉलेज ऑफ कॉमर्स में प्रवेश लिया और वहीं से छात्र राजनीति की शुरुआत कर दी। कन्हैया ने भूगोल विषय में स्तानक किया है। पटना में पढ़ाई के दौरान कन्हैया ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के सदस्य बने। उन्होंने डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (PhD) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) नई दिल्ली से की है।
JNU में पढ़ाई के दौरान वह JNU छात्र संघ के अध्यक्ष के पद के लिए चुने गए। कन्हैया ने एक किताब भी लिखी है, जिसका नाम है 'बिहार टू तिहार' (Bihar to tihar)।
विवादः
कन्हैया कुमार 2015 में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) छात्रसंघ के अध्यक्ष पद के लिए चुने गए थे। वहीं फरवरी 2016 में कन्हैया पर जेएनयू में कश्मीरी अलगाववादी और 2001 में भारतीय संसद पर हमले के दोषी मोहम्मद अफजल गुरू को फांसी के खिलाफ छात्र रैली में राष्ट्रविरोधी नारे लगाने के आरोप में देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। इस कारण वे काफी विवाद में रहे। मार्च 2016 में कन्हैया को अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया।
जमानत के बाद पूरी की पीएचडी:
देशद्रोह का मुकदमा झेल रहे कन्हैया ने जमानत पर रिहा होने के बाद अपनी PhD की डिग्री पूरी कर ली है।
चुनाव नामांकन के दौरन कन्हैया कुमार ने एक रोड शो किया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने उनका साथ दिया था। बिहार में सात चरणों में मतदान हुए हैं। बेगूसराय में चौथे चरण के तहत 29 अप्रैल को मतदान किया गया।