केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं के नतीजे सोमवार को जारी कर दिए। इस बार 500 में से 499 अंक लाकर रिकॉर्ड 13 छात्र पहले स्थान पर रहे। 498 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर 25 और 497 अंक लाकर 59 विद्यार्थियों ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया है। पहले स्थान पर 6 बेटियों ने सफलता पाई है। पहले स्थान पर कुल 13 छात्रों में से 8 उत्तर प्रदेश के हैं। बीते वर्ष के मुकाबले इस बार का नतीजा 4.4 फीसदी ज्यादा रहा।
दसवीं में इस साल 91.1 फीसदी छात्र पास हुए हैं। 500 में से 499 अंक पाने वाले तीन गौतमबुद्ध नगर, तीन गाजियाबाद, और एक-एक जौनपुर, मेरठ, भटिंडा, गुजरात, जयपुर, तिरुवनंतपुरम और अंबाला से हैं।
शीर्ष स्थान पाने वालों के नाम हैं सिद्धांत पनगोरिया, दिव्यांश वाधवा, योगेश कुमार गुप्ता, अंकुर मिश्रा, वत्सल वार्ष्णेय, मान्या, आर्यन झा, तरुण जैन, भावना एन सिवदास, ईश मदान, दिवजोत कौर जग्गी, अपूर्वा जैन और शिवानी लाठ। इस बार केंद्रीय विद्यालय का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा और उसके 99.47 फीसदी बच्चे सफल रहे। उल्लेखनीय है पिछले साल केवल चार छात्रों को 500 में से 499 अंक मिले थे।
तिरुवनंतपुरम रीजन की बादशाहत बरकरार
देशभर के नतीजों में तिरुवनंतपुरम रीजन ने पहला स्थान पाकर अपनी बादशाहत बरकरार रखी है। इस रीजन का पास प्रतिशत 99.85 फीसदी रहा है। चेन्नई 99 फीसदी के साथ दूसरे और अजमेर 95.89 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर रहा। वहीं दिल्ली रीजन 80.97 फीसदी के साथ नौवें पायदान पर है।
पीएम मोदी ने दी शुभकामना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर छात्रों को बधाई दी। उन्होंने लिखा, ‘मेरे उन युवा मित्रों पर गर्व है जिन्होंने सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा में सफलता हासिल की। उनकी आगे की यात्रा के लिये शुभकामनाएं। ईश्वर करे ये युवा हमें हमेशा गौरवान्वित करते रहें। इन सभी के शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई!’
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी ट्विटर पर छात्रों और परीक्षा के निर्बाध आयोजन के लिये सीबीएसई को बधाई दी।
उन्होंने कहा, ‘16 लाख से अधिक छात्रों को बधाई जिन्होंने सीबीएसई 10वीं की परीक्षा में सफलता हासिल किया और जो छात्र इस बार सफल नहीं हुए उन सभी को अगले प्रयास में सफलता पाने के लिये शुभकामनाएं। निर्बाध और गड़बड़ी मुक्त परीक्षा के आयोजन और रिकॉर्ड समय में परिणाम घोषित करने के लिये सीबीएसई को भी बधाई।’
सीबीएसई में दसवीं में सर्वाधिक अंक लाने वाले होनहारों का कहना है कि पढ़ाई को ‘पढ़ाई बोझ समझकर नहीं, शौक समझकर करें’। कामयाबी निश्चित ही आपके कदम चूमेगी। कोचिंग के बजाय नियमित स्वाध्याय करना चाहिए। इसके साथ ही इनका सोशल मीडिया का सीमित इस्तेमाल करें। अपना लक्ष्य तय करें। उसी के अनुरूप रोजाना पढ़ाई का लक्ष्य तय कर अध्ययन करें।