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Chandigarh: अब छात्रों की तरह शिक्षक भी वर्दी पहनकर आएंगे स्कूल; इस शहर में लागू हुआ ड्रेस कोड

Sat, 26 Apr 2025 08:08 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Dress Code For Teachers: पुरुष शिक्षकों के लिए फॉर्मल और महिलाओं के लिए सलवार-कमीज ड्रेस कोड लागू किया गया है। इस बदलाव का उद्देश्य शिक्षकों की छवि को एकीकृत करना, व्यावसायिकता की भावना को बढ़ावा देना और सीखने के लिए अनुकूल माहौल बनाना है।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik
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विस्तार
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Chandigarh: चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने शहर के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू किया है। अब पुरुष शिक्षक शर्ट और पैंट पहनकर स्कूल आएंगे। वहीं, महिलाएं साड़ी, सलवार कमीज पहनेंगी। 

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विभाग ने शनिवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, "पोशाक की वर्दी की विशिष्टताओं के अनुसार महिला कर्मचारी साड़ी, सलवार कमीज पहनेंगी, जबकि पुरुष कर्मचारी औपचारिक शर्ट और पतलून पहनेंगे।"

विभाग ने कहा है, "इस बदलाव का उद्देश्य शिक्षकों की छवि को एकीकृत करना, व्यावसायिकता की भावना को बढ़ावा देना और सीखने के लिए अनुकूल माहौल बनाना है।" 
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यह नियम लागू करने वाला पहला केंद्र शासित प्रदेश बना चंडीगढ़

इसमें कहा गया है कि शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू करने के साथ ही चंडीगढ़ सरकारी स्कूलों में इसे लागू करने वाला पहला राज्य या केंद्र शासित प्रदेश बन गया है।

विज्ञप्ति में कहा गया है, "शैक्षणिक संस्थानों में व्यावसायिक माहौल को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने प्रशासक यूटी चंडीगढ़ की सलाह पर कार्य करते हुए, सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए एक सुंदर वर्दी लागू की है।"
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सभी सरकारी स्कूलों में लागू होगा

विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस पहल को सबसे पहले चंडीगढ़ के धनास के सेक्टर-14 स्थित पीएम श्री गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शुरू किया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस फैसले की पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सराहना की है।


विज्ञप्ति के अनुसार, कटारिया ने कहा, "एक एकीकृत ड्रेस कोड न केवल कर्मचारियों के बीच समानता को बढ़ावा देता है, बल्कि गर्व और व्यावसायिकता की भावना भी पैदा करता है।" 

आगे कहा गया है, "पोशाक के मानकीकरण से शिक्षक अधिक पेशेवर छवि प्रस्तुत करेंगे, जिससे छात्रों के लिए एक सकारात्मक उदाहरण स्थापित होगा। एक समान ड्रेस कोड कर्मचारियों के बीच सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को कम करता है, जिससे अधिक समावेशी माहौल को बढ़ावा मिलता है।"

विभाग ने कहा कि वह 2025 की गर्मियों की छुट्टियों के बाद कक्षाएं शुरू होने से पहले अपने सभी स्कूलों में इसे लागू करना चाहता है।
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