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SOL: एसओएल की पाठ्य सामग्री में तथ्यात्मक गलतियों का आरोप, केवाईएस ने तत्काल वापस लेने की उठाई मांग

Sun, 07 Dec 2025 11:51 AM IST
शाहीन परवीन अमर उजाला, ब्यूरो

सार

SOL Educational Material: केवाईएस ने एसएसओएल की पाठ्य सामग्री में कथित तथ्यात्मक गलतियों का आरोप लगाते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।
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DU SOl - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
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विस्तार
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Factual Errors in Textbooks: दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) की पाठ्य सामग्री में तथ्यात्मक गलतियों का आरोप लगाया गया है। क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार को अकादमिक काउंसिल की बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन ने खराब और शैक्षणिक गुणवत्ता रहित एसओएल स्टडी मटेरियल को मंजूरी दे दी।

परिषद से स्टडी मेटेरियल को मिल चुकी है मंजूरी

ऐसी पाठ्य सामग्री पहले भी कई सदस्यों की असहमति दर्ज कराने के बावजूद वैधानिक निकायों में पारित किया जाता रहा है। क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के अनुसार पाठ्य सामग्री में कई व्याकरण त्रुटियों, भाषा के खराब उपयोग के उदाहरण, तथ्यात्मक गलतियां और साहित्यिक चोरी सहित कई अन्य खामियां मौजूद हैं। केवाईएस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार राजनीतिक विज्ञान के स्टडी मटेरियल में लिखा गया है कि भारत का संविधान 1947 में लागू हुआ था, जबकि यह 1950 में लागू हुआ था।

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केवाईएस दिल्ली राज्य समिति के सदस्य भीम कुमार ने मांग की है कि इस सामग्री को तुरंत वापस लिया जाए। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि स्टडी मटेरियल की समीक्षा के लिए एक निष्पक्ष समिति गठित की जाए और इसमें संबंधित विभाग के विभागाध्यक्षों को शामिल किया जाए। केवाईएस ने इस मुद्दे को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय तक उठाने की घोषणा की है।

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