पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंपा
खुशबू को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रॉट डेड' (अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया। सर्कल इंस्पेक्टर देवेश भारद्वाज ने बताया कि खुशबू दूसरी बार NEET की तैयारी कर रही थीं और पिछले परीक्षा परिणाम को लेकर तनाव में थीं।
असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने खुशबू के दादा देशराज पटेल की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया। मामले की जांच जारी है।
अधिकारियों के अनुसार, जिस किराए के अपार्टमेंट में खुशबू रह रही थीं, वहां छत के पंखे में एंटी-हैंगिंग डिवाइस नहीं लगा था। कोटा हॉस्टल एसोसिएशन की गाइडलाइंस के तहत हॉस्टल के कमरों में इस डिवाइस का होना जरूरी है। पुलिस के मुताबिक, जनवरी 2026 से कोटा में किसी कोचिंग छात्र की आत्महत्या का यह आठवां मामला है।